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मोदी सरकार का एक और कमाल, डोकलाम के 7 घंटो के सफर को कर दिया 40 मिनट का, टेंशन में ड्रैगन

डोकलाम सेक्टर (Doklam) में पिछले साल भारत और चीन (China) की सेनाओं के बीच 73 दिन तक चले गतिरोध चला था. लेकिन उसके बाद मामला फिर शांत हो गया. लेकिन इस विवाद के बाद भारतीय सेना ने चीन के मंसूबों को भांप गया था. जिसके कारण डोकलाम विवाद के बाद सुरक्षा बढ़ाने के लिए एसएसबी ने सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में 18 नई सीमा चौकियां स्थापित की थी. लेकिन यहां पहुंचने के सुरक्षाबलों को दुर्गम रास्तों से होकर आना पड़ता था.

मोदी सरकार का एक और कमाल, डोकलाम के 7 घंटो के सफर को कर दिया 40 मिनट का, टेंशन में ड्रैगन
भारतीय सेना के लिए राह हुई आसान ( फोटो क्रेडिट- TW/ANI )

डोकलाम सेक्टर (Doklam) में पिछले साल भारत और चीन (China) की सेनाओं के बीच 73 दिन तक चले गतिरोध चला था. लेकिन उसके बाद मामला फिर शांत हो गया. लेकिन इस विवाद के बाद भारतीय सेना ने चीन के मंसूबों को भांप गया था. जिसके कारण डोकलाम विवाद के बाद सुरक्षा बढ़ाने के लिए एसएसबी ने सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में 18 नई सीमा चौकियां स्थापित की थी. लेकिन यहां पहुंचने के सुरक्षाबलों को दुर्गम रास्तों से होकर आना पड़ता था. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि 7 दिनों का समय जवान महज 40 मिनटों में पूरी कर लेंगे. क्योंकि वैकल्पिक भीम बेस-डोकला सड़क (Bheem Base-Dokala Road) की वजह से सेना डोकलाम की घाटी तक ज्यादा आसान हो गया है, डोकलाम बेस तक जाने वाली सड़क काम पूरा कर लिया गया है. जिसे सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा बनाया गया है.

बता दें कि डोकलाम घाटी जिस जगह पर है उसी जगह पर चीन की चुंबी वैली है और भूटान-भारत (Bhutan) की सीमाएं भी यहीं मिलती हैं. यही कारण है कि इस सड़क का निर्माण ऐसा बनाया गया कि इसपर से भारी वजन वाले सामान पर भी आसानी से लेकर जाया जा सकता है. इस सड़क का निर्माण तारकोल से किया गया है जो मौसम मार आसानी से झेल सकती है. बीआरओ को 2015 में ही इस सड़क के निर्माण की मंजूरी दे दी गई थी. वहीं अब कयास लगाया जा रहा है कि डोकलाम में सड़क का निर्माण दोनों देशों बीच सैन्‍य समीकरणों को बदल सकता है.

गौरतलब हो कि साल 2017 में डोकलाम में पैदा हुए गतिरोध 72 दिनों तक चलने के बाद 28 अगस्त 2017 को सैनिकों को वापस बुलाने के पश्चात भारतीय और चीनी सैनिकों को अपने-अपने संबंधित मोर्चे से दूरी पर फिर से तैनात किया गया था. वैसे तो दोनों देशो के बीच अब अच्छी दोस्ती है. दोनों देशों की सरकारें लगातार बॉर्डर पर शांति की बातें कहती रही हैं लेकिन ड्रैगन अपनी हरकत से बाज नहीं आ रहा है.

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भारत सेना ( Indian Army) और चीनी सैनिकों (Chinese Army) के बीच एक बार फिर झड़प की खबर सामने आई थी. जहां पैंगॉन्ग झील (Pangong lake) के उत्तरी किनारे पर दोनों सेनाओं के जवानों के बीच पेट्रोलिंग के दौरान धक्कामुक्की उस वक्त हुई जब दोनों आमने-सामने आ गई थी. हातल बिगड़ने के बाद 'फेसऑफ' का माहौल बन गया. फिलहाल उच्च अधिकारीयों की बैठक के बाद अब मामला शांत हो गया, लेकिन दोनों तरफ से सैनिकों की संख्या में इजाफा कर दिया गया है. झील के किनारे चीनी सेना भारतीय जवानों की मौजूदगी का विरोध कर रहे थे.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 03, 2019 03:03 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).