दिल्ली में 4 नवंबर से लागू होगा ऑड-ईवन नियम, CNG गाड़ियों को नहीं मिलेगी छूट- नियम तोड़ने पर 4000 का जुर्माना
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ठंडी का मौसम करीब आते ही हवा की गुणवत्ता खराब होने लगी है. जिसके मद्देनजर गुरुवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने फिर से ऑड-ईवन (सम-विषम) योजना लागू करने का ऐलान किया.
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ठंडी का मौसम करीब आते ही हवा की गुणवत्ता खराब होने लगी है. जिसके मद्देनजर गुरुवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने फिर से ऑड-ईवन (सम-विषम) योजना लागू करने का ऐलान किया. यह योजना 4 नवंबर को लागू की जाएगी और 15 नवंबर तक जारी रहेगी. हालांकि दिवाली के मौके पर प्रदूषण के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए दिल्ली सरकार के इस कदम से सबकों परेशान होने की जरूरत नहीं है. पहले की तरह ही दोपहिया वाहनों के साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों समेत कुछ खास श्रेणी के वाहनों को इस योजना से छूट दी जाएगी. वहीं नियम तोड़ने वालों पर चार हजार का जुर्माना लगाया जाएगा.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज दोपहर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऑड-ईवन के बारे में जानकारी दी. शहर में वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए ऑड-ईवन योजना लागू की जा रही है. अगले महीने लागू होने वाले ऑड-ईवन नियम के तहत महिलाओं को छूट दी जाएगी. यह नियम दिल्ली से बाहर की गाड़ियों पर भी लागू होगा.
✅महिलाओं को ऑड ईवन में छूट
✅जिन गाड़ियों में स्कूली बच्चे उन्हें छूट
✅दिल्ली सीएम,डिप्टी सीएम ऑड ईवन के दायरे में
✅नियम तोड़ने पर 4000 का जुर्माना
✅मरीज लेकर जाने वाली गाड़ियों को छूट
✅केंद्र सरकार के मंत्री दायरे से बाहर होंगे
✅दोपहिया वाहनों को मिलेगी छूट @ArvindKejriwal pic.twitter.com/y6HIlFaclP
— AAP (@AamAadmiParty) October 17, 2019
जबकि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, सुप्रीम कोर्ट के जज, केंद्र सरकार के मंत्री, दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्री आदि को ऑड-ईवन में छूट दी गई है. इसके अलावा सुरक्षा अधिकारियों, पुलिस, ऐम्बुलेंस, गाड़ी में स्कूल यूनिफॉर्म में बच्चे समेत सभी इमर्जेंसी सेवाओं पर भी ऑड-ईवन नियम लागू नहीं होगा. हालांकि दिल्ली सरकार के मंत्रियों को कोई रियायत नहीं दी गई है.
दिल्ली और एनसीआर में आज सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 से ऊपर यानि हवा खतरनाक स्तर पर पहुंच गई. हालांकि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए मंगलवार से क्रमिक कार्रवाई कार्ययोजना (जीआरएपी) प्रभावी है. इसके तहत निजी वाहनों को निरुत्साहित करने, डीजल जेनरेटरों के इस्तेमाल पर रोक, ईंट के भट्टे और स्टोन क्रशर बंद करने जैसे कठोर कदम उठाए जा रहे है.
बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी में हर साल सर्दियों में वायु गुणवत्ता खराब हो जाती है. इसकी मुख्य वजह दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में प्रदूषण के स्थानीय स्रोत माना जाता है. हालांकि अरविंद केजरीवाल ने शहर में वायु गुणवत्ता में गिरावट के लिए पड़ोसी राज्यों में पराली जलाए जाने को जिम्मेदार ठहराया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 17, 2019 01:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

