NSA अजीत डोभाल के बाद चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने की MEA एस जयशंकर से मुलाकात, क्यों खास है ये विजिट?
पूर्वी लद्दाख में पिछले करीब दो साल से गतिरोध के कारण व्याप्त तनाव के बीच चीन के विदेश मंत्री वांग यी उच्च स्तरीय यात्रा पर गुरुवार शाम भारत पहुंचे. शुक्रवार को चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के लिए विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से मुलाकात की. इससे पहले उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल के कार्यालय में जाकर उनसे बातचीत की.
नई दिल्ली: पूर्वी लद्दाख (Ladakh) में पिछले करीब दो साल से गतिरोध के कारण व्याप्त तनाव के बीच चीन के विदेश मंत्री वांग यी (Wang Yi) उच्च स्तरीय यात्रा पर गुरुवार शाम भारत पहुंचे. शुक्रवार को चीन (China) के विदेश मंत्री वांग यी ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के लिए विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर (S Jaishankar) से मुलाकात की. इससे पहले उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल (Ajit Doval) के कार्यालय में जाकर उनसे बातचीत की. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मिलने पहुंचे चीन के विदेश मंत्री
यह जानकारी मिली है कि चीनी विदेश मंत्री की बगैर पूर्व निर्धारित यात्रा का उद्देश्य यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के मद्देनजर बने भू राजनीतिक हालात में चीन के एक बड़ी भूमिका निभाने से संबद्ध है. चीन ने यह भी संकेत दिया है कि आर्थिक प्रतिबंधों से निपटने के लिए वह रूस की सहायता करने को इच्छुक है. वार्ता में, भारत के पूर्वी लद्दाख सीमा विवाद से अपना ध्यान हटाने की संभावना नहीं है. भारत द्वारा गतिरोध वाले शेष स्थानों से सैनिकों को पूरी तरह से हटाने के लिए दबाव डाले जाने की भी उम्मीद है.
दिल्ली: चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के लिए विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से मुलाकात की। pic.twitter.com/d6WZfQd7qk
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 25, 2022
दिल्ली: चीन के विदेश मंत्री वांग यी साउथ ब्लॉक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के कार्यालय से रवाना हुए। https://t.co/yIGax0Rfhh pic.twitter.com/yHtUzhhCr2
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 25, 2022
वांग और डोभाल के बीच बैठक में सीमा मुद्दे पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है, जो सीमा वार्ता के लिए विशेष प्रतिनिधि के रूप में काम कर रहे हैं. दोनों पक्षों ने यात्रा को गुप्त रखा. फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि क्या भारतीय पक्ष वांग के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की सुविधा प्रदान करेगा. वार्ता में यूक्रेन संकट एक अन्य प्रमुख मुद्दा होने की उम्मीद है.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 25, 2022 11:35 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

