Baba Siddique Murder Case: बाबा सिद्दीकी की हत्या पर बड़ा खुलासा, शूटर के फोन में मिली बेटे जीशान की फोटो
बाबा सिद्दीकी के बेटे जीशान की फोटो शूटरों के पास स्नैपचैट के जरिए भेजी गई थी. मैसेज को बाद में डिलीट करने के निर्देश लॉरेंस बिश्नोई गैंग के हैंडलर द्वारा दिए गए थे.
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में गहरा असर डालने वाली घटना में, 12 अक्टूबर को बांद्रा के नर्मल नगर में कांग्रेस से एनसीपी में आए नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या कर दी गई थी. अब इस मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. जांच के दौरान पुलिस को शूटर के फोन से बाबा सिद्दीकी के बेटे जीशान सिद्दीकी की फोटो मिली है.
फोटो और संदेशों के आदान-प्रदान में स्नैपचैट का इस्तेमाल
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जीशान की फोटो शूटरों के पास स्नैपचैट के जरिए भेजी गई थी. यह मैसेजिंग प्लेटफॉर्म अपराधियों द्वारा संदेशों के आदान-प्रदान के लिए इस्तेमाल किया गया, ताकि बातचीत का कोई रिकॉर्ड न बचे. संदेशों को बाद में डिलीट करने के निर्देश लॉरेंस बिश्नोई गैंग के हैंडलर द्वारा दिए गए थे.
हत्या में शामिल शूटर और संदिग्ध गिरफ्तार
अब तक नौ लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें से दो शूटर भी शामिल हैं.
प्रमुख गिरफ्तारियां: नितिन गौतम सपरे (32), संभाजी किसन पारधी (44), प्रदीप थोंबरे (37), चेतन पारधी और राम कानौजिया (43).
मकसद: कानौजिया ने बताया कि शुरुआत में उसे और सपरे को हत्या की सुपारी दी गई थी, लेकिन उन्होंने इसे ₹1 करोड़ की बड़ी रकम मांगी, क्योंकि वे हत्या से पीछे हटना चाहते थे. बाद में यह काम धर्मराज कश्यप, गुरनैल सिंह और शिवकुमार गौतम को सौंपा गया.
कैसे रची गई हत्या की साजिश?
हत्या के दिन, कश्यप और सिंह को पकड़ लिया गया, जबकि गौतम फरार होने में सफल रहा. शूटरों को चुनते समय शुबम लोनकर ने इस बात का ध्यान रखा कि उत्तर प्रदेश से आए शूटरों को महाराष्ट्र में बाबा सिद्दीकी की राजनीतिक हैसियत का अंदाजा नहीं होगा, जिससे वे कम पैसे में भी हत्या के लिए तैयार हो जाएंगे.
सुरक्षा में चूक: पुलिस कांस्टेबल निलंबित
घटना के वक्त बाबा सिद्दीकी के साथ उनकी सुरक्षा में एक पुलिस कांस्टेबल मौजूद था, लेकिन उसने हमलावरों पर जवाबी कार्रवाई नहीं की. पूछताछ में कांस्टेबल ने बताया कि हमले के दौरान उसकी आंखों में "मिर्च जैसा पदार्थ" चला गया था, जिससे वह प्रतिक्रिया नहीं दे सका. घटना के बाद कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है.
धुएं और पटाखों का इस्तेमाल करके मचाई अफरातफरी
हमलावरों ने बाबा सिद्दीकी के कार में बैठने से ठीक पहले, वहां धुएं का उपकरण छोड़ा, जिससे गोली चलने की आवाज दब गई और पटाखों जैसा माहौल बना दिया गया. इस धुएं की आड़ में अपराधी छह राउंड फायरिंग कर भाग निकले.
बिश्नोई गैंग की संलिप्तता की जांच
मुंबई क्राइम ब्रांच यह भी जांच कर रही है कि इस हत्या का संबंध बिश्नोई गैंग से है या नहीं. लॉरेंस बिश्नोई पर पहले भी कई बड़े अपराधों और सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग की घटना में शामिल होने का आरोप है.
एक फेसबुक पोस्ट में बिश्नोई गैंग द्वारा हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था. इसके तुरंत बाद पुणे से प्रवीन लोनकर को गिरफ्तार किया गया. पुलिस अब प्रवीन के भाई शुबम लोनकर की तलाश कर रही है, जिसे इस साजिश का मुख्य हैंडलर माना जा रहा है.
बिश्नोई गैंग और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों की जांच
31 वर्षीय लॉरेंस बिश्नोई, जो 2015 से जेल में है, पर अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक गिरोह चलाने का आरोप है. बिश्नोई का नाम पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या समेत कई हाई-प्रोफाइल मामलों में सामने आ चुका है.
बाबा सिद्दीकी की हत्या ने महाराष्ट्र की राजनीति और अपराध की दुनिया में हलचल मचा दी है. शूटर के फोन में जीशान सिद्दीकी की फोटो का मिलना इस साजिश की गंभीरता को दर्शाता है. पुलिस इस मामले में शामिल सभी आरोपियों तक पहुंचने और साजिश का पर्दाफाश करने के लिए तगड़ी जांच कर रही है. आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि इस हत्या में बिश्नोई गैंग की भूमिका कितनी बड़ी है और क्या इस मामले में और गिरफ्तारियां होती हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 19, 2024 10:22 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

