एजेंसी न्यूज

Team India: चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद टीम इंडिया के कोच गौतम गंभीर के लिए इंग्लैंड दौरे के साथ शुरू होगा दो साल का चुनौतीपूर्ण चक्र

गौतम गंभीर को जानने वाले लोग उन्हें ‘उबाऊ रूप लगातार एक ही चीज करने वाले’ व्यक्ति के रूप में वर्णित करते हैं। ऐसा व्यक्ति जिसने पिछले 20 वर्षों में अपने खाने के तरीके में भी कोई बदलाव नहीं किया है तो फिर प्रयोग का तो सवाल ही नहीं उठता.

Team India: चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद टीम इंडिया के कोच गौतम गंभीर के लिए इंग्लैंड दौरे के साथ शुरू होगा दो साल का चुनौतीपूर्ण चक्र
Gautam Gambhir (Photo: X)

गौतम गंभीर को जानने वाले लोग उन्हें ‘उबाऊ रूप लगातार एक ही चीज करने वाले’ व्यक्ति के रूप में वर्णित करते हैं. ऐसा व्यक्ति जिसने पिछले 20 वर्षों में अपने खाने के तरीके में भी कोई बदलाव नहीं किया है तो फिर प्रयोग का तो सवाल ही नहीं उठता. गंभीर को अनौपचारिक समारोहों में डेनिम पहनना बहुत पसंद है और उन्होंने वर्षों से इसमें कोई बदलाव नहीं किया है. लेकिन जब क्रिकेट की बात आती है तो उनका दिमाग हमेशा विभिन्न रणनीतिक समस्याओं के समाधान की तलाश में लगा रहता है. जुलाई में टी20 विश्व कप जीत के साथ राहुल द्रविड़ के कार्यकाल का अंत होने के बाद गंभीर को राष्ट्रीय टीम की कमान संभाले हुए आठ महीने हो चुके हैं. दिल्ली के ओल्ड राजिंदर नगर के गंभीर ने सफलता के साथ-साथ कुछ दिल तोड़ने वाली हार भी देखी हैं. उन्होंने दोनों ही तरह की परिस्थितियां देखी हैं जिसमें चैंपियन्स ट्रॉफी में खिताबी जीत का शीर्ष स्तर और छह टेस्ट मैचों की हार भी शामिल है. यह भी पढ़ें: ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड 150वीं टेस्ट वर्षगांठ मनाने के लिए एमसीजी में खेलेंगे ऐतिहासिक डे-नाइट मैच

चैंपियन्स ट्रॉफी की जीत ताजी हवा के झोंके की तरह आई है और ‘गुरू गंभीर’ को बड़ी तस्वीर का विश्लेषण करने का मौका मिलेगा क्योंकि अगले दो महत्वपूर्ण वर्षों में भारतीय क्रिकेट में बड़े बदलाव की उम्मीद है. गंभीर अब ऐसे दौर में पहुंचेंगे जहां उनके सामने तीन अलग-अलग चुनौतियां होंगी जिसकी शुरुआत इंग्लैंड के टेस्ट दौरे से होगी. यह हमेशा की तरह आईपीएल के बाद होगा जिसमें तैयारी के लिए बिल्कुल भी समय नहीं होगा

.गंभीर की दूसरी बड़ी चुनौती भारत और श्रीलंका में 2026 में होने वाला टी20 विश्व कप होगा जहां सूर्यकुमार यादव की टीम अपना खिताब बचाने उतरेगी. और आखिरी लेकिन सबसे बड़ी चुनौती दक्षिण अफ्रीका में होने वाला 2027 का एकदिवसीय विश्व कप होगा. अगर गंभीर की कोचिंग को अलग-अलग प्रारूप में देखा जाए तो उन्होंने सूर्या की अगुआई में टी20 टीम के लिए कोर खिलाड़ियों के समूह को पहले ही तैयार कर लिया है.

रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविंद्र जडेजा के छोटे प्रारूप से बाहर होने के बाद भी उनकी कमी महसूस नहीं हुई क्योंकि भारत टी20 में जिस तरह का क्रिकेट खेल रहा है, उससे उसे दुनिया भर में प्रशंसक मिल रहे हैं. गंभीर ने अभिषेक शर्मा के रूप में एक प्रभावशाली खिलाड़ी की खोज की है. जब वरुण चक्रवर्ती और जसप्रीत बुमराह किसी वैश्विक प्रतियोगिता (विश्व टी20) में गेंदबाजी करेंगे तो ये आठ ओवर बल्लेबाजों के लिए बुरे सपने की तरह होंगे. संजू सैमसन ने अपनी लय हासिल कर ली है, हालांकि ऋषभ पंत और यशस्वी जायसवाल भी मौजूद रहेंगे.

अर्शदीप सिंह के रूप में पावरप्ले में विकेट लेने वाला एक बेहतरीन गेंदबाज है और हार्दिक पंड्या, नितीश कुमार रेड्डी और शिवम दुबे के रूप में कम से कम तीन तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर हैं.

हार्दिक के साथ सूर्यकुमार और अक्षर इस टीम के पुराने खिलाड़ी हैं। यह एक ऐसी टीम है जिसने अपने सभी विभागों पर ध्यान दिया है और यहां-वहां कुछ बदलाव के साथ स्वत: आगे बढ़ रही है.

लेकिन यह अन्य दो प्रारूप हैं जहां गंभीर को नतीजों के लिए रणनीतिकार, अनुशासित करने वाले और प्रबंधक के रूप में एक साथ काम करना होगा.

रोहित शर्मा और विराट कोहली ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे जल्द ही एकदिवसीय प्रारूप से संन्यास नहीं ले रहे हैं. संन्यास एक व्यक्तिगत निर्णय है और दोनों ने चैंपियंस ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन किया है. लेकिन 2027 विश्व कप के दौरान गंभीर के पास चार विशेषज्ञ स्पिनरों का उपयोग करने और 240-250 के स्कोर के साथ जादू पैदा करने का विकल्प नहीं होगा. बड़े स्कोर बनेंगे और सवाल यह है कि क्या रोहित अपनी छोटी और आक्रामक पारियों से कोहली के साथ मिलकर पर्याप्त योगदान दे पाएंगे। कोहली अब एक छोर संभालने वाले बल्लेबाज की भूमिका में होंगे.

रोहित ने कहा है कि वह संन्यास नहीं लेंगे लेकिन 2027 विश्व कप में अपनी भागीदारी को लेकर भी अनिश्चित हैं। यहां गंभीर को आगे आना होगा और टीम को शीर्ष पर रखने की नीति नहीं बदलेगी। वह सुपरस्टार संस्कृति से नफरत करते हैं। उनके मन में प्रदर्शन करने वालों के लिए बहुत सम्मान है जो वरिष्ठता से परे है. यह आश्चर्य की बात नहीं होगी अगर वह बोर्ड और राष्ट्रीय चयन समिति दोनों से थोड़ी स्पष्टता की मांग करते हैं कि वे रोहित को एकदिवसीय विश्व कप की योजनाओं में कैसे देखते हैं क्योंकि विश्व कप से पहले टीम को केवल 27 एकदिवसीय मैच खेलने हैं.

एक और मुद्दा जिस पर विचार किया जाएगा वह यह है कि अगला कप्तान कौन होगा? शुभमन गिल एक शानदार एकदिवसीय खिलाड़ी हैं और रोहित की अगुआई में उप कप्तान की भूमिका निभा चुके हैं लेकिन हार्दिक पंड्या भी एक अच्छे नेतृत्वकर्ता हैं. उन्होंने गुजरात टाइटंस में मुख्य कोच आशीष नेहरा के नेतृत्व में अच्छा प्रदर्शन किया था. निकट भविष्य में गंभीर को टेस्ट क्रिकेट टीम पर भी ध्यान देना होगा जहां उन्हें सबसे ज्यादा चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा. अगर रोहित खेलते हैं और जायसवाल तथा लोकेश राहुल शीर्ष तीन में हैं तो टेस्ट क्रिकेटर के रूप में शुभमन गिल का क्या होगा?

क्या वह बुमराह, मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज तीनों को इंग्लैंड के खिलाफ श्रृंखला के लिए सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में ला पाएंगे जहां स्विंग और सीम गेंदबाजों को मदद मिलेगी. मध्यक्रम के उस एक स्थान का क्या होगा जो पिछले कुछ समय से भारत की कमजोरी बना हुआ है. क्या करुण नायर वहां फिट होंगे या श्रेयस अय्यर को टेस्ट टीम में अपनी जगह फिर से वापस मिलेगी. ‘गुरू गंभीर’ के पास कुछ कठिन विकल्प हैं,लेकिन वह कभी भी साहसिक निर्णय लेने से नहीं डरते.

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 11, 2025 06:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).