सीधी, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के कई जिलों के ग्रामीणों भागों में आज भी लोगों को मुलभुत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही है. पिछले दिनों सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर लीला साहू ने सड़क बनाने की मांग को लेकर एक वीडियो डाला था. अब इसी जिले से एक गर्भवती महिला का वीडियो सामने आया है. जहांपर गांव में सड़क नहीं होने की वजह से गांव तक एम्बुलेंस नहीं पहुंच पाई, जिसके कारण परिजनों ने गर्भवती महिला को खाट के सहारे कीचड़ भरें रास्ते से महिला को एम्बुलेंस तक पहुंचाया. लेकिन रास्ते में ही महिला की डिलीवरी हो गई. अब महिला हॉस्पिटल में एडमिट है. पिछले दिनों सीधी जिले से ही सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर लीला साहू ने एक वीडियो बनाया और मांग की थी कि वह गर्भवती है और गांव में सड़क नहीं है, इसके बाद उन्होंने सीधी के सांसद से भी बात की थी, जिसके बाद साहू को सांसद ने जवाब दिया था की ,' डिलीवरी की डेट बताओ हम एक हफ्ते पहले उठवा लेंगे.
इस बेतुके बयान के बाद लोगों में काफी नाराजगी थी. इसके कुछ दिन बाद लीला साहू के गांव की सड़क का निर्माणकार्य शुरू किया गया था.अब इसी जिले से गर्भवती महिला का वीडियो सामने आने की वजह से सरकार की पोल खुल गई है. इस वीडियो को सोशल मीडिया X पर @RakeshK06095849 नाम के हैंडल से शेयर किया गया है. ये भी पढ़े:Social Media Influencer Leela Sahu: आखिरकार रंग लाई सीधी जिले में रहनेवाली लीला साहू की मेहनत, गांव में शुरू हुआ सड़क निर्माण का काम; VIDEO
गर्भवती महिला को खाट पर ले जाया गया एम्बुलेंस तक
विकास की रफ्तार, गर्भवती महिला को "खाट" पर ले जाने के लिए परिजन बेबस और लाचार!#Sidhi #ViralVideos #Development #PregnantWoman pic.twitter.com/XTiUDwX04q
— Rakesh Kumar Vishwakarma (@RakeshK06095849) July 27, 2025
क्या है पूरी घटना?
सीधी जिले के बरिगवां नंबर दो गांव की रहने वाली एक आदिवासी महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई. परिजनों ने तुरंत एंबुलेंस बुलाई, लेकिन गांव में सड़क न होने की वजह से एंबुलेंस मुख्य सड़क पर ही रुक गई. ऐसे में परिजनों ने महिला को खाट पर लिटाया और उस खाट को डोली की तरह उठाकर चल पड़े.जब परिजन महिला को खाट पर लेकर जा रहे थे, उसी बीच महिला ने रास्ते में ही बच्चे को जन्म दे दिया. यह देख सभी स्तब्ध रह गए, लेकिन किसी तरह साहस बटोरकर दोनों को मुख्य सड़क तक लाया गया. वहां से एंबुलेंस के जरिए महिला और नवजात को सेमरिया हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां दोनों की स्थिति अब स्थिर है.
अधिकारी का बयान
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बबीता खरे ने बताया कि एंबुलेंस निर्धारित समय पर पहुंच गई थी, लेकिन गांव में पक्की सड़क नहीं होने के कारण वह आगे नहीं जा सकी.













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