RBI ने SAARC देशों के साथ मुद्रा अदला-बदली की अवधि 2027 तक बढ़ाई
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (SAARC) देशों के लिए भारतीय रुपये में अदला-बदली (स्वैप) के लिए विभिन्न रियायतों के साथ 25,000 करोड़ रुपये की अलग रुपया अदला-बदली सुविधा पेश की.
मुंबई, 27 जून: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (SAARC) देशों के लिए भारतीय रुपये में अदला-बदली (स्वैप) के लिए विभिन्न रियायतों के साथ 25,000 करोड़ रुपये की अलग रुपया अदला-बदली सुविधा पेश की. केंद्रीय बैंक ने 2024-27 के लिए दक्षेस मुद्रा अदला-बदली रूपरेखा की घोषणा करते हुए कहा कि आरबीआई दो अरब डॉलर के समग्र कोष के साथ एक अलग अमेरिकी डॉलर/यूरो स्वैप सुविधा के तहत डॉलर और यूरो में अदला-बदली व्यवस्था की पेशकश जारी रखेगा.
आरबीआई ने कहा, “भारतीय रुपये में अदला-बदली को 2024-27 के लिए रूपरेखा के तहत विभिन्न रियायतों के साथ एक अलग रुपया अदला-बदली सुविधा शुरू की गई है. रुपया समर्थन का कुल कोष 250 अरब रुपये है.” मुद्रा विनिमय सुविधा सभी दक्षेस सदस्य देशों को उपलब्ध होगी, बशर्ते वे द्विपक्षीय अदला-बदली समझौतों पर हस्ताक्षर करें.
आरबीआई ने केंद्र सरकार की सहमति से 2024-27 की अवधि के लिए दक्षेस देशों के लिए मुद्रा अदला-बदली व्यवस्था पर एक संशोधित रूपरेखा लागू करने का निर्णय लिया. आरबीआई ने कहा कि इस ढांचे के तहत वह उन दक्षेस देशों के केंद्रीय बैंकों के साथ द्विपक्षीय अदला-बदली समझौते करेगा, जो इसका लाभ उठाना चाहते हैं. दक्षेस में आठ सदस्य देश- अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका शामिल हैं.
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 27, 2024 08:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

