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Ind vs Eng 1st Test 2021: भारतीय गेंदबाजों ने 10 साल बाद फिर से डाले सर्वाधिक नो बॉल

भारतीय गेंदबाजों ने यहां एमए चिदंबरम स्टेडियम में इंग्लैंड के साथ जारी पहले टेस्ट मैच की इंग्लैंड की पहली पारी में दूसरे दिन शनिवार तक 19 नो बॉल डाले, जोकि भारतीय टीम के गेंदबाजों का 10 साल बाद सर्वाधिक नो बॉल है.

Ind vs Eng 1st Test 2021: भारतीय गेंदबाजों ने 10 साल बाद फिर से डाले सर्वाधिक नो बॉल
टीम इंडिया (Photo Credits: IANS)

चेन्नई, 7 फरवरी : भारतीय गेंदबाजों ने यहां एमए चिदंबरम स्टेडियम (MA Chidambaram Stadium) में इंग्लैंड के साथ जारी पहले टेस्ट मैच (Test match) की इंग्लैंड की पहली पारी में दूसरे दिन शनिवार तक 19 नो बॉल डाले, जोकि भारतीय टीम के गेंदबाजों का 10 साल बाद सर्वाधिक नो बॉल है. टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में किसी भी टीम के गेंदबाजों द्वारा डाला गया यह दूसरा सर्वाधिक नो बॉल है. भारतीय गेंदबाजों ने इससे पहले 2010 में कोलंबो में तीसरे टेस्ट के दौरान श्रीलंका की पहली पारी में 16 नो बॉल फेंके थे. हालांकि भारत ने उस मैच को जीता था. टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सर्वाधिक नो बॉल डालने का रिकॉर्ड श्रीलंकाई टीम के गेंदबाजों के नाम है, जिन्होंने 2014 में चटगांव में दूसरे टेस्ट में बांग्लादेश की पारी के दौरान सर्वाधिक 21 गेंद नो बॉल डाले थे.

भारत को इंग्लैंड के साथ जारी पहले टेस्ट में दूसरे दिन तक अब तक छह गेंदबाजों को गेंदबाजी मोर्चे पर लगाना पड़ा है और उन्होंने 180 ओवर की गेंदबाजी की है. तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और लेफट आर्म स्पिनर शाहबाज नदीम (Shahbaz nadeem) ने छह-छह इशांत शर्मा ने पांच और अनुभवी आफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने दो गेंद नो बॉल फेंके हैं. इशांत 2010 में भी कोलंबो में उस टेस्ट टीम का हिस्सा थे, जिसके गेंदबाजों ने 16 नो बॉल फेंके थे और इशांत ने उस समय भी दोनों पारियों में चार-चार नो बॉल फेंके थे. यह भी पढ़ें : Ind vs Eng 1st Test 2021: ऋषभ पंत के साथ मैदान में घटी अजीबोगरीब घटना, गेंद गई कहीं और दौड़ लगाई कहीं और, देखें मजेदार वीडियो

इशांत के बचपन के कोच श्रवण कुमार ने कोविड-19 महामारी (Covid-19 Epidemic) के कारण अभ्यास की कमी होने की इसका इशारा किया. इशांत साइड स्ट्रेन से उबरने के बाद अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में लौटे हैं. चोट के कारण वह आस्ट्रेलिया दौरे पर नहीं गए थे. श्रवण ने आईएएनएस से कहा, "कोविड-19 लॉकडाउन के कारण वह लंबे समय से अभ्यास से दूर रहे हैं. इसके अलावा, उनके पास मैच अभ्यास का अभाव था. आम तौर पर तेज गेंदबाज नो बॉल फेंकते हैं, जब उन्हें विकेट नहीं मिलते हैं और निराशा में भी वे ऐसा करते हैं. कई बार कप्तान तेज गेंदबाजों पर विकेट हासिल करने के लिए दबाव भी डालते हैं और यही कारण है कि नो बॉल गेंदबाजी करते हैं." द्रोणाचार्य अवार्डी कोच गुरचरण सिंह ने कहा कि जब गेंदबाजों को नेटस पर गेंदबाजी का अभ्यास करने की अनुमति दी जाती है. उन्होंने अपने एक शिष्य का उदाहरण दिया.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 07, 2021 04:23 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).