B Saroja Devi Passes Away: बी. सरोजा देवी का 87 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है. दक्षिण भारतीय सिनेमा की सबसे प्रसिद्ध और सफल अभिनेत्रियों में शामिल बी. सरोजा देवी ने 14 जुलाई को बेंगलुरु के मल्लेश्वरम स्थित अपने घर पर अंतिम सांस ली. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं. 7 जनवरी 1938 को जन्मीं बी. सरोजा देवी ने करीब छह दशकों तक भारतीय सिनेमा को अपने शानदार अभिनय से रोशन किया. उन्होंने तमिल, तेलुगु, हिंदी, सिंहली और कन्नड़ जैसी पांच भाषाओं में 160 से अधिक फिल्मों में काम किया. उनके दमदार और भावपूर्ण अभिनय के लिए उन्हें “अभिनय सरस्वती” की उपाधि से नवाज़ा गया.
अपने करियर की शुरुआत कन्नड़ फिल्म ‘महाकवि कालिदास’ से करने के बाद सरोजा देवी ने कई यादगार फिल्मों में काम किया. इनमें कित्तूर चेन्नम्मा, अन्ना थम्मा, भक्त कनकदास, बाले बंगारा, नागकन्निके, बेट्टादा हूवु और कस्तूरी निवास जैसी फिल्में शामिल हैं. वहीं, “नादोदी मन्नान”, “कर्पूरा करासी”, “पांडुरंगा महत्यम” और “थिरुमनम” जैसी हिट फिल्मों से वह अखिल-दक्षिण भारतीय सुपरस्टार बन गईं.
बी. सरोजा देवी को उनके कला में योगदान के लिए अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया. उन्हें 1969 में पद्म श्री और 1992 में पद्म भूषण जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाज़ा गया. इसके अलावा उन्हें बैंगलोर यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट की मानद उपाधि और तमिलनाडु सरकार से कलाईमामणि अवॉर्ड भी मिला. उनका निधन भारतीय सिनेमा के एक युग के अंत जैसा है. शालीनता, प्रतिभा और समर्पण की प्रतीक रहीं बी. सरोजा देवी की यादें उनके बेहतरीन काम के ज़रिए हमेशा ज़िंदा रहेंगी. उनके लाखों चाहनेवाले आज भी उनकी फिल्मों और अभिनय को दिल से याद करते रहेंगे.













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