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NASA ने जारी नहीं की रात 9 बजे की कोई तस्वीर, जानें वायरल हो रहे इस दावे की सच्चाई

कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ छीड़ी जंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के आह्वान पर देशवासियों ने आज (5 अप्रैल) रात 9 बजे नौ मिनट के लिए दीप और मोमबत्ती जलाया.

NASA ने जारी नहीं की रात 9 बजे की कोई तस्वीर, जानें वायरल हो रहे इस दावे की सच्चाई
वायरल तस्वीर (Photo Credits: Twitter)

नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ छीड़ी जंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के आह्वान पर देशवासियों ने आज (5 अप्रैल) रात 9 बजे नौ मिनट के लिए दीप और मोमबत्ती जलाया. इस दौरान घरों की बत्ती बंद कर आम जनता के साथ ही जानीमानी हस्तियों ने भी और दीया, मोमबत्ती तथा मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर महामारी के खिलाफ एकजुटता का संदेश दिया. इसके बाद इस अभियान का हिस्सा बनने वाले लोगों ने उत्साह दिखाने के लिए सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा की. लेकिन इन सबके बीच सोशल मीडिया पर भारत की एक फेक सैटेलाइट इमेज वायरल होने लगी. कुछ लोगों ने दावा किया कि यह तस्वीर अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) ने जारी की है और 5 अप्रैल की रात 9 बजे की है. कोरोना के अंधकार पर प्रहार के लिए देशवासियों ने रात 9 बजे 9 मिनट के लिए जलाएं दीप, मोमबत्ती और फ्लैश लाइट- देखें तस्वीरें

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीर दिवाली के मौके पर नासा (NASA) ने ली थी. जो हर साल त्योहार के वक्त सोशल मीडिया पर आती है. लेकिन वास्तव में लोगों ने आज इसे खूब शेयर किया. कुछ लोगों ने फर्जी सैटेलाइट इमेज ट्वीट कर लिखा कि इस रविवार को भारत अंतरिक्ष से कैसा दिख रहा है. इतना ही लोगों ने इसका श्रेय नासा को दिया, जिस वजह से अंतरिक्ष एजेंसी नासा ट्विटर पर ट्रेंड होने लगी. अभी भी फेसबुक और ट्विटर पर कई लोग इसी दावे के साथ इन फेक फोटो को शेयर कर रहे है-

फेक तस्वीर-1

फेक तस्वीर-2

फेक तस्वीर-3

फेक तस्वीर-4

फेक तस्वीर-5

फेक तस्वीर-6

उल्लेखनीय है कि कुछ ऐसा ही हाल पीएम मोदी की अपील पर 22 मार्च को 'जनता कर्फ्यू' का ऐलान के वक्त हुआ था. तब देशभर में लोगों ने तालियां, शंख और थाली बजाकर सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों का धन्यवाद किया था. लेकिन तब भी सोशल मीडिया पर भारत का एक मैप शेयर किया जा रहा था और साथ में दावा किया गया कि ये भारत में साउंड वेव हैं, जो नासा ने रिकॉर्ड की हैं. इस मैप में कुछ राज्य साउंड वेव की इंटेनसिटी को दर्शाने के लिए लाल रंग, पीले और हरे रंग में दिखाया गया था. जो की झूठ था. असल में यह तस्वीर नासा ने जून 2019 में भारत में हीटवेव की स्थिति दिखाने के लिए जारी की थी.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 06, 2020 12:36 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).