Patna Plane Landing Accident: पटना एयरपोर्ट पर मंगलवार रात एक ऐसा वाकया हुआ, जिसने फ्लाइट में सवार 173 यात्रियों की सांसें कुछ पलों के लिए थाम दीं. दिल्ली से पटना आने वाली इंडिगो की फ्लाइट (6E2482) जैसे ही रनवे पर उतरी, उसने कुछ ही सेकंड में दोबारा उड़ान भर ली. यह घटना रात करीब 9 बजे की है, जब विमान की लैंडिंग लगभग हो चुकी थी, लेकिन पायलट ने अचानक प्लेन को फिर से हवा में उठा दिया. करीब 15 मिनट तक फ्लाइट शहर के ऊपर चक्कर लगाती रही, जिससे यात्रियों में घबराहट फैल गई. बहुतों को लगा कि विमान में कोई तकनीकी खराबी आ गई है या फिर नीचे कोई आपात स्थिति है.
पटना एयरपोर्ट पर टला बड़ा हादसा
पटना एयरपोर्ट पर एक बड़ा हादसा टल गया। दिल्ली से पटना आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E 2482 लैंडिंग के दौरान रनवे से आगे निकल गई। पायलट ने तत्परता दिखाते हुए विमान को तुरंत टेक ऑफ करा लिया, जिससे विमान में सवार 174 यात्रियों की जान बच गई। #PatnaAirport | #IndiGoFlight |… pic.twitter.com/htDgbPqpen
— FirstBiharJharkhand (@firstbiharnews) July 16, 2025
पायलट ने क्यों दोबारा उड़ाया विमान
हालांकि, क्रू मेंबर्स ने यात्रियों को भरोसा दिलाया कि सब ठीक है और तकनीकी कारणों से ही विमान को दोबारा उड़ाया गया है. थोड़ी देर बाद विमान सुरक्षित रूप से पटना एयरपोर्ट पर लैंड कर गया. एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक, पटना एयरपोर्ट की रनवे लंबाई कम होने की वजह से पायलट को एक सटीक पॉइंट पर विमान उतारना होता है. बताया गया कि विमान का पहिया जमीन को छू गया था, लेकिन टचडाउन प्वाइंट थोड़ा आगे था.
ऐसे में पायलट को लगा कि रनवे खत्म होने से पहले विमान पूरी तरह नहीं रुकेगा, इसलिए उन्होंने गो-अराउंड (विमान को दोबारा उड़ाना) का फैसला लिया, जो एक मानक सुरक्षा प्रक्रिया है.
एयरपोर्ट की रनवे लंबाई बड़ी चुनौती
पटना एयरपोर्ट की मौजूदा रनवे सिर्फ 2,072 मीटर लंबी है, जबकि विशेषज्ञों के अनुसार सुरक्षित लैंडिंग के लिए कम से कम 2,400 मीटर की जरूरत होती है. यही वजह है कि यहां सिर्फ नैरो बॉडी एयरक्राफ्ट यानी छोटे और हल्के विमानों को ही ऑपरेट करने की अनुमति है. सरकार ने पटना एयरपोर्ट की रनवे को 1,584 मीटर और बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है. इसके बाद कुल लंबाई 3,657 मीटर हो जाएगी, जिससे बड़े विमान भी आसानी से उतर सकेंगे.
इसके लिए पटना जू और फुलवारी शरीफ इलाके से ज़मीन अधिग्रहण की योजना है. रनवे के दोनों ओर की सड़कों को अंडरग्राउंड किया जाएगा और उनके ऊपर रनवे का विस्तार होगा.
घंटाघर की ऊंचाई घटाने का प्रस्ताव
पटना सचिवालय के पास स्थित घंटाघर की ऊंचाई भी विमान लैंडिंग में बाधा बन रही है. इसलिए अब उसकी ऊंचाई 49.5 मीटर से घटाकर 32 मीटर करने का सुझाव दिया गया है, ताकि विमानों को सुरक्षित और कम ढलान पर उतरने की सुविधा मिल सके.
हाल ही में पीएम नरेंद्र मोदी ने पटना एयरपोर्ट का नया टर्मिनल जनता को समर्पित किया है. लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इन्फ्रास्ट्रक्चर चाहे जितना आधुनिक हो, जब तक रनवे लंबा नहीं होगा, फ्लाइट ऑपरेशन में जोखिम बना रहेगा.











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