वायरल

Fact Check: विदेश में फंसे भारतीयों के लिए RESCUE FLIGHTS FROM INDIA नाम से एक गूगल फॉर्म हुआ वायरल, PIB ने बताई इस WhatsApp मैसेज की सच्चाई

कोरोना वायरस महामारी के बीच सोशल मीडिया पर विदेशों में फंसे भारतीयों के लिए रेस्क्यू फ्लाइट्स फ्रॉम इंडिया नाम से एक गूगल फॉर्म के लिंक वाला संदेश वायरल हो रहा है. इस वायरल मैसेज में उन फ्लाइट्स की लिस्ट दी गई है, जो कोरोना वायरस प्रकोप के बीच विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए उड़ान भरेंगी. पीआईबी फैक्ट चेक ने इस मैसेज को फेक बताया है.

Fact Check: विदेश में फंसे भारतीयों के लिए RESCUE FLIGHTS FROM INDIA नाम से एक गूगल फॉर्म हुआ वायरल, PIB ने बताई इस WhatsApp मैसेज की सच्चाई
फेक वायरल मैसेज का स्क्रीनशॉट (Photo Credits: PIB)

Fact Check: कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के चलते विदेशों में फंसे भारतीयों को स्वदेश वापस लाने की तैयारी की जा रही है. 7 मई (गुरुवार) से विदेश में फंसे भारतीयों (Indians) को स्वदेश लाने के लिए भारत दुनिया के सबसे बड़े हवाई बचाव अभियानों में से एक को अंजाम देने की तैयारी कर रहा है. इस बीच सोशल मीडिया (Social Media) पर विदेशों में फंसे भारतीयों के लिए "RESCUE FLIGHTS FROM INDIA" नाम से एक गूगल फॉर्म (Google Form) के लिंक वाला संदेश वायरल हो रहा है. यह मैसेज इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप (WhatsApp Message) पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वायरल मैसेज में उन फ्लाइट्स की लिस्ट दी गई है, जो कोरोना वायरस प्रकोप के बीच विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए उड़ान भरेंगी.

यह वॉट्सऐप वायरल मैसेज विदेश में फंसे भारतीयों से अपने आप को रजिस्टर करने के लिए RESCUE FLIGHTS FROM INDIA नाम के गूगल फॉर्म को भरने के लिए कहता है. प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो ऑफ इंडिया (PIB) ने इस वायरल मैसेज की पड़ताल की, जिसमें इस वायरल मैसेज को फेक पाया गया है. पीआईबी फैक्ट चेक (PIB Fact Check) ने वायरल मैसेज और उसमें दिए गए लिंक की तथ्य जांच करने के बाद एक स्पष्टीकरण जारी किया कर भारतीयों से दूतावास की आधिकारिक वेबसाइट पर जाने का आग्रह किया है.

पीआईबी फैक्ट चेक के एक ट्वीट में लिखा है- भारत सरकार द्वारा इस तरह का कोई भी गूगल फॉर्म जारी नहीं किया गया है, इसलिए इस वायरल मैसेज में दिए गए फर्जी लिंक पर क्लिक न करें. पीआईबी ने विदेश में फंसे भारतीयों से आधिकारिक एंबेसी वेबसाइट (एसआईसी) के जरिए ही रजिस्ट्रेशन करने की सलाह दी है. यह भी पढ़ें: Fact Check: क्या 'प्रधानमंत्री बेरोजगार भत्ता योजना' के तहत सरकार दे रही है 3500 रुपये? PIB फैक्ट चेक ने बताई वायरल खबर की सच्चाई

वॉट्सऐप वायरल मैसेज है फेक

गौरतलब है कि कोरोना वायरस महामारी से जुड़ी फर्जी खबरों और गलत जानकारियों की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भरमार है, इसलिए कोरोना संकट की इस घड़ी में वॉट्सऐप या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रही हर चीज पर भरोसा न करें. इस महामारी के बीच सत्यापित और सटीक खबरों को जानने के लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट mohfw.gov.in - या LatestLY.com पर जाएं.

(The above story first appeared on LatestLY on May 06, 2020 10:23 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).