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Coronavirus Vaccine By Oxford: ऑक्सफोर्ड के कोविड-19 टीके का भारत में होगा ट्रायल, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया बनाएगी AZD1222 वैक्सीन

एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित कोविड-19 वैक्सीन के पहले चरण के क्लिनिकल ट्रायल में सकारात्मक नतीजे मिल रहे हैं. सीरम इंस्टि्टयूट के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा कि कंपनी भारत में वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल को शुरू करने का लाइसेंस लेने के लिए एक हफ्ते के भीतर भारतीय दवा नियामक के पास आवेदन करेगी. इसके साथ ही वैक्सीन बनाना भी शुरु कर देंगे.

Coronavirus Vaccine By Oxford: ऑक्सफोर्ड के कोविड-19 टीके का भारत में होगा ट्रायल, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया बनाएगी AZD1222 वैक्सीन
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay)

Coronavirus Vaccine By Oxford: एस्ट्राजेनेका (AstraZeneca) और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford University) द्वारा विकसित कोविड-19 वैक्सीन (COVID-19 Vaccine) के पहले चरण के क्लिनिकल ट्रायल (Clinical Trial) में सकारात्मक नतीजे मिल रहे हैं. यहां सबसे खास बात तो यह है कि इस वैक्सीन को विकसित करने में सीरम इंस्टि्टयूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India) का सहयोग भी मिल रहा है. सीरम इंस्टि्टयूट के सीईओ अदार पूनावाला (Adar Poonawalla) ने कहा कि कंपनी भारत में वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल को शुरू करने का लाइसेंस लेने के लिए एक हफ्ते के भीतर भारतीय दवा नियामक के पास आवेदन करेगी. अदार पूनावाल का कहना है कि परीक्षण के परिणाम उत्साहवर्धक आए हैं और हम आशाजनक नतीजों को लेकर खुश हैं. हम भारत में वैक्सीन के परीक्षण के लिए एक हफ्ते के भीतर आवेदन करेंगे. इसके साथ ही वैक्सीन बनाना भी शुरु कर देंगे.

दरअसल, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया दुनिया की सबसे बड़ी टीका निर्माता कंपनी है, जो कोरोना वायरस वैक्सीन विकसित करने वाले ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोजेक्ट में एक भागीदार भी है. ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका ने अपनी कोविड-19 वैक्सीन को बनाने के लिए इसी भारतीय कंपनी को चुना है. इस वैक्सीन को AZD1222 नाम दिया गया है. इस टीके के नतीजों से पता चला है कि यह सुरक्षित है और वायरस के खिलाफ प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को विकसित करता है जो लगभग दो महीने तक रहता है. यह भी पढ़ें: Coronavirus Vaccine: कोरोना संकट के बीच अच्छी खबर, इस हफ्ते शुरु हो जाएगा भारत के पहले COVID-19 वैक्सीन Covaxin का मानव परीक्षण

एस्ट्रोजेनेका द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की अगुवाई में जारी पहले और दूसरे चरण के परीक्षण में वैक्सीन ने वायरस के खिलाफ ताकतवर रोग प्रतिरोधक क्षमता का प्रदर्शन किया है. मानव परीक्षण के पहले चरण में 18 से 55 साल के 1,077 हेल्दी लोगों पर वैक्सीन का परीक्षण किया गया, जिसके परिणाम की रिपोर्ट को मेडिकल जर्नल 'द लैंसेट' में प्रकाशित किया गया. परीक्षण के परिणाम से पता चला है कि वैक्सीन इंसानों में 56 दिन तक ताकतवर एंटीबॉडी और टी-सेल इम्यून रिस्पॉन्स को बनाए रखने में मदद करती है.

गौरतलब है कि सीरम इंस्टिट्यूट हर साल 1.5 अरब वैक्सीन डोज तैयार करती है, जिनमें पोलियो से लेकर मीजल्स तक के टीकों का निर्माण शामिल है. इस कंपनी की स्थापना अदार पूनावाला के पिता साइरस पूनावाल ने साल 1966 में की थी.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 21, 2020 01:17 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).