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Vat Purnima 2023 Mehndi Designs: वट पूर्णिमा पर मेहंदी रचाकर हाथों की सुंदरता में लगाए चार चांद, देखें अरबी, ट्रेडिशनल और राजस्थानी डिजाइन्स

हाथों में मेहंदी रचाने से न सिर्फ हाथों की सुंदरता में चार चांद लग जाते हैं, बल्कि इससे पर्व की शुभता भी बढ़ती है. ऐसे में अगर आप वट पूर्णिमा व्रत के लिए आकर्षक मेहंदी के डिजाइन्स की तलाश कर रही हैं तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं. आप इन अरबी, ट्रेडिशनल और राजस्थानी डिजाइन्स की मदद से अपने हाथों पर खूबसूरत मेहंदी रचाकर इस पर्व की शुभता को बढ़ा सकती हैं.

Vat Purnima 2023 Mehndi Designs: वट पूर्णिमा पर मेहंदी रचाकर हाथों की सुंदरता में लगाए चार चांद, देखें अरबी, ट्रेडिशनल और राजस्थानी डिजाइन्स
वट पूर्णिमा मेहंदी डिजाइन्स (Photo Credits: YouTube)

Vat Purnima 2023 Mehndi Designs: वट सावित्री (Vat Savitri) के समान ही वट पूर्णिमा व्रत (Vat Purnima Vrat) को भारतीय संस्कृति में अत्यधिक शुभ माना जाता है. विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना से वट पूर्णिमा का व्रत रखती हैं. एक तरफ जहां वट सावित्री का व्रत ज्येष्ठ मास की अमावस्या को किया जाता है तो वहीं दूसरी तरफ वट पूर्णिमा का त्योहार ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है. व्रत रखकर महिलाएं वट वृक्ष के साथ-साथ सावित्री और सत्यवान की पूजा करती हैं. पूजन के दौरान कच्चा सूत वट वृक्ष को लपेटते हुए महिलाएं उसकी सात परिक्रमा करती हैं और इस व्रत की कथा को पढ़ती या सुनती हैं. इस दिन व्रत रखकर महिलाएं सजती-संवरती और सोलह श्रृंगार करती हैं. इसके साथ ही अपने हाथों में मेहंदी (Mehndi) रचाती हैं.

हाथों में मेहंदी रचाने से न सिर्फ हाथों की सुंदरता में चार चांद लग जाते हैं, बल्कि इससे पर्व की शुभता भी बढ़ती है. ऐसे में अगर आप वट पूर्णिमा व्रत के लिए आकर्षक मेहंदी के डिजाइन्स की तलाश कर रही हैं तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं. आप इन अरबी, ट्रेडिशनल और राजस्थानी डिजाइन्स की मदद से अपने हाथों पर खूबसूरत मेहंदी रचाकर इस पर्व की शुभता को बढ़ा सकती हैं.

वट पूर्णिमा स्पेशल मेहंदी

आसान मेहंदी डिजाइन

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खूबसूरत मेहंदी डिजाइन

ट्रेडिशनल मेहंदी डिजाइन

वट पूर्णिमा के व्रत से जुड़ी कथा के अनुसार, कहा जाता है कि सावित्री यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राणों को वापस लेकर आई थीं, इसलिए इसे अखंड सौभाग्य का पर्व माना जाता है. उत्तर भारत के पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और ओडिशा जैसे राज्यों में ज्येष्ठ अमावस्या को महिलाएं पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखती हैं, जिसे वट सावित्री व्रत (Vat Savitri) के नाम से जाना जाता है. जबकि महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत में ज्येष्ठ पूर्णिमा को महिलाएं यह व्रत करती हैं, जिसे वट पूर्णिमा (Vat Purnima) के नाम से जाना जाता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 02, 2023 04:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).