Swami Samarth Prakat Din 2025 Marathi Wishes: हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को श्री स्वामी समर्थ महाराज प्रकट दिन (Swami Samarth Prakat Din) मनाया जाता है. ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार इस साल 31 मार्च 2025 को स्वामी समर्थ प्रकट दिवस मनाया जा रहा है. इस उत्सव को महाराष्ट्र में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है. दरअसल, भगवान दत्तात्रेय (Bhagwan Dattatreya) दत्त संप्रदाय के आराध्य देव हैं, जबकि श्री स्वामी समर्थ (Shri Swami Samarth) को इस संप्रदाय का एक महान संत और गुरु माना जाता है. महाराष्ट्र के अक्कलकोट (Akkalkot) में श्री स्वामी समर्थ महाराज 1856 से 1878 तक दत्त संप्रदाय के महान संत रहे हैं. कहा जाता है कि अपने अवतरण के बाद चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को पहली बार स्वामी समर्थ महाराष्ट्र के अक्कलकोट नगर पहुंचे थे, इसलिए इस तिथि पर स्वामी समर्थ महाराज का प्रकट दिवस मनाया जाता है.
अक्कलकोट के श्री स्वामी समर्थ महाराज को भगवान दत्तात्रेय का तीसरा अवतार माना जाता है. श्रीपाद वल्लभ और श्री नृसिंह सरस्वती के बाद स्वामी समर्थ महाराज को भगवान दत्तात्रेय का तीसरा पूर्णावतार माना जाता है. इस खास अवसर पर आप इन शानदार मराठी विशेज, वॉट्सऐप ग्रीटिंग्स, जीआईएफ इमेजेस और एचडी वॉलपेपर्स को शेयर करके अपनों से श्री स्वामी समर्थ महाराज प्रकट दिनाच्या खूप खूप शुभेच्छा कह सकते हैं.





ऐसी मान्यता है कि गाणगापुर के श्री नृसिंह सरस्वती ही श्रीशैलम के पास कर्दली वन में स्वामी समर्थ के रूप में प्रकट हुए थे और अपने अवतरण के बाद वे सन 1856 में चैत्र शुक्ल द्वितीया तिथि को पहली बार अक्कलकोट पहुंचे थे. यही वजह है कि अक्कलकोट को तीर्थ स्थल के रूप में जाना जाता है. कहा जाता है कि स्वामी समर्थ महाराज ने त्र्यंबकेश्वर स्थित शेगाव के श्री गजानन महाराज और शिरडी के श्री साई बाबा महाराज को दीक्षा दी थी. इसके बाद 30 अप्रैल 1878 को अक्कलकोट में ही वटवृक्ष समाधी मठ स्थान पर श्री स्वामी समर्थ महाराज ने अपने अवतारकार्य की समाप्ति की थी.













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