तमिलनाडु: फिशिंग के दौरान मुंह में मछली दबाना पड़ा भारी, गले में फंसने से युवक की हुई दर्दनाक मौत

चेन्नई: तमिलनाडु के मदुरंतकम में एक हैरान कर देने वाली घटना में एक युवक की मछली पकड़ते समय जान चली गई. 29 वर्षीय मणिकंडन मंगलवार सुबह कीलवलम झील में मछली पकड़ने गया था, लेकिन उसे यह अंदाजा नहीं था कि उसका यह रोज़ का काम उसकी ज़िंदगी का आखिरी पल बन जाएगा.

स्थानीय पुलिस के अनुसार, मणिकंडन झील के उथले पानी में उतरा और हमेशा की तरह अपने हाथों से मछली पकड़ने लगा. उसने दो मछलियाँ पकड़ ली थीं. चूंकि मछलियां फिसलन भरी और फुर्तीली होती हैं, वह अक्सर उनमें से एक को मुंह में दबा लेता था ताकि वह भाग न सके. मंगलवार को भी उसने यही किया – एक मछली को मुंह में दबाया और दूसरी को दोनों हाथों से पकड़ने के लिए नीचे झुका, लेकिन इसी दौरान मुंह में दबी मछली ने फुर्तीलापन दिखाया और सीधे उसके गले में जाकर फँस गई. यह मछली, जिसे स्थानीय लोग ‘पनंगोट्टई’ कहते हैं, अपनी पीठ पर नुकीले कांटों वाली होती है. यह कांटे मणिकंडन की सांस नली में फँस गए जिससे वह दम घुटने की स्थिति में आ गया.

घबराहट में मणिकंडन पानी से बाहर निकला और पास के अपने गांव अरैयप्पक्कम की ओर भागा, लेकिन रास्ते में ही गिर पड़ा. राह चलते कुछ स्थानीय लोगों ने मछली निकालने की कोशिश की लेकिन कांटे अंदर फँस चुके थे, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई. बाद में उसे चेंगलपेट गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

स्थानीय निवासियों का कहना है कि मणिकंडन एक दैनिक मज़दूर था और मछली पकड़ने में बेहद माहिर था. आमतौर पर वह अपने दोस्तों के साथ जाता था, लेकिन मंगलवार को वह अकेला गया था और संभवतः इसी कारण किसी की मदद नहीं मिल सकी.