Guillain-Barre Syndrome: महाराष्ट्र में गुइलेन-बैरे सिंड्रोम से एक और मौत, 20 मरीज वेंटिलेटर पर
महाराष्ट्र में गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (Guillain-Barré Syndrome, GBS) से दूसरी मौत दर्ज की गई है, जिससे इस दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल बीमारी से मरने वालों की संख्या 16 हो गई है.
पुणे: महाराष्ट्र में गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (Guillain-Barré Syndrome, GBS) से दूसरी मौत दर्ज की गई है, जिससे इस दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल बीमारी से मरने वालों की संख्या 16 हो गई है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, GBS के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और पुणे में यह संख्या 100 के पार हो गई है.
इस बीमारी की वजह से पहली मौत का मामला सोलापुर से सामने आया था जहां एक 40 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई. डॉक्टरों के अनुसार, मरीज में सांस लेने में तकलीफ, पैरों में कमजोरी और डायरिया जैसे लक्षण थे. उन्हें 18 जनवरी को सोलापुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी हालत गंभीर बनी रही और आखिरकार रविवार को उनकी मौत हो गई.
सोलापुर सरकारी मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. संजीव ठाकुर ने बताया, "मरीज को बार-बार वेंटिलेटर की जरूरत पड़ रही थी. GBS के लक्षणों के कारण उनकी स्थिति बिगड़ती गई और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई."
महाराष्ट्र में GBS के मामले बढ़े, 20 मरीज वेंटिलेटर पर
महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राज्य में अब तक 127 संदिग्ध GBS मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 72 मामलों की पुष्टि हो चुकी है. फिलहाल 20 मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है और वे वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं.
GBS क्या है और यह कितना खतरनाक है?
गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (GBS) एक दुर्लभ लेकिन गंभीर ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है, जिसमें शरीर की रोग प्रतिरोधक प्रणाली गलती से नसों पर हमला करने लगती है. यह बीमारी तेजी से शरीर को लकवाग्रस्त कर सकती है और कुछ मामलों में जानलेवा भी साबित हो सकती है.
गुइलेन-बैरे सिंड्रोम के लक्षण
- पैरों और हाथों में कमजोरी
- झुनझुनी और सुन्नपन
- सांस लेने में दिक्कत
- हृदय गति में असामान्य परिवर्तन
- कुछ मामलों में लकवे जैसी स्थिति
GBS के संभावित कारण
यह किसी वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण के बाद हो सकता है. कुछ मामलों में वैक्सीन या सर्जरी के बाद भी यह सामने आया है. वैज्ञानिक अब भी इस बीमारी के सटीक कारणों पर रिसर्च कर रहे हैं.
महाराष्ट्र सरकार अलर्ट मोड पर
महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग ने GBS के बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं. पुणे और सोलापुर में स्वास्थ्य निगरानी बढ़ा दी गई है और संदिग्ध मामलों की पहचान के लिए विशेष मेडिकल टीमों को तैनात किया गया है.
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि लोगों को किसी भी अज्ञात कमजोरी, झुनझुनी या सांस लेने में तकलीफ के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 29, 2025 10:01 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

