Uttarakhand Politics: कौन हैं उत्तराखंड के सीएम तीरथ सिंह रावत? जानिए उनका अब तक का राजनीतिक सफर
तीरथ सिंह रावत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की पृष्ठिभूमि से बीजेपी की राजनीति में आने वाले नेता हैं. छात्र जीवन में उनका अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़ाव रहा. संघ से जुड़े दायित्व निभाते हुए वह बीजेपी की मुख्यधारा की राजनीति में आए.
उत्तराखंड (Uttarakhand) में पिछले कुछ दिनों से जारी सियासी सस्पेंस पर विराम लग गया है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधानमंडल दल की बुधवार को हुई बैठक में तीरथ सिंह रावत (Tirath Singh Rawat) के नाम पर मुहर लगी है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, रावत बुधवार शाम चार बजे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के पद की शपथ लेंगे. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल बेबी रानी मौर्य (Baby Rani Maurya) रावत को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाएंगी. आइए जानते हैं गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी के सांसद तीरथ सिंह रावत की राजनीतिक पृष्ठभूमि क्या है.
रावत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पृष्ठिभूमि से बीजेपी की राजनीति में आने वाले नेता हैं. छात्र जीवन में उनका अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़ाव रहा. संघ से जुड़े दायित्व निभाते हुए वह बीजेपी की मुख्यधारा की राजनीति में आए. 1997 में पहली बार वह उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य रहे. वह राज्य के मंत्री भी रह चुके हैं. यह भी पढ़ें- Uttarakhand Politics: उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री होंगे तीरथ सिंह रावत, चुने गए BJP विधायक दल के नेता.
ANI का ट्वीट-
Uttarakhand: BJP leader Tirath Singh Rawat meets Governor Baby Rani Maurya in Dehradun.
He will take oath as the chief minister later today. https://t.co/sjdVidD3DM pic.twitter.com/ZXQ5g6rqpD
— ANI (@ANI) March 10, 2021
रावत साल 2012 में चौबटाखाल विधानसभा सीट से चुनाव जीते. वहीं, साल 2013 से 31 दिसंबर 2015 तक वह उत्तराखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रहे. रावत बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव भी रह चुके हैं. बीजेपी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें गढ़वाल सीट से उम्मीदवार बनाया था और उन्होंने 2.85 लाख से अधिक वोटों से जीत हासिल की थी.
बता दें कि 56 वर्षीय रावत का जन्म उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के सीरों गांव में हुआ था. उनके पिता का नाम कलम सिंह रावत और माता का नाम गौरा देवी था. उल्लेखनीय है कि रावत के मुख्यमंत्री बनने के बाद पार्टी को अगले छह महीनों में एक लोकसभा और एक विधानसभा सीट पर उपचुनाव का सामना करना होगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 10, 2021 01:57 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

