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राफेल को लेकर कांग्रेस के विज्ञापन पर चुनाव आयोग को आपत्ति, कहा- SC में है मामला; किताब पर भी लगाई रोक

गौरतलब है कि राफेल को लेकर कांग्रेस भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ शुरू से ही आक्रामक रही है. कांग्रेस ने राफेल को प्रमुख मुद्दा बनाया है और हर स्तर पर भारतीय जनता पार्टी को इसी मुद्दे पर घेर रही है चाहे वह संसद हो या फिर सड़क.

राफेल को लेकर कांग्रेस के विज्ञापन पर चुनाव आयोग को आपत्ति, कहा- SC में है मामला; किताब पर भी लगाई रोक
राहुल गांधी, राफेल और चुनाव आयोग (File Photo)

नई दिल्ली. लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Election 2019) की लड़ाई बेहद दिलचस्प होती जा रही है. इसी कड़ी में बताना चाहते है कि चुनाव को निष्पक्ष कराने के लिए चुनाव आयोग (Election Commission) भी इस बार सख्ती के मूड में दिख रहा है. पहले बीजेपी (Bhartiya Janta Party) के कई कैंपेन पर सख्ती बरतने के बाद अब चुनाव आयोग (Election Commission) ने कांग्रेस के कैंपेन पर सख्त रुख अपनाया है. एमपी कांग्रेस (MP Congress) के 9 में से कुल 6 विज्ञापनों पर आपत्ति जताई गई है, जिसमें राफेल से जुड़ा भी एक विज्ञापन है.

मध्य प्रदेश कांग्रेस (Madhya Pradesh Congress) ने अपने कुल 9 विज्ञापनों को चुनाव आयोग के पास अनुमति के लिए भेजा था, जिसमें से 6 पर आपत्ति जताई गई है. चुनाव आयोग का कहना है कि इसमें राफेल विवाद से जुड़ा भी एक विज्ञापन है और क्योंकि अभी ये मामला सुप्रीम कोर्ट में है, इसलिए इसे चुनाव प्रचार में इस्तेमाल करना ठीक नहीं होगा. यह भी पढ़े-लोकसभा चुनाव 2019: राहुल गांधी बोले, सत्ता में आने पर राफेल सौदे की जांच कराई जाएगी

बता दें कि इसी क्रम में चुनाव आयोग (Election Commission) के अधिकारियों ने चेन्नई में राफेल रक्षा सौदे पर लिखी गई एक तमिल किताब की रिलीज पर रोक लगा दी है. हालांकि 5 अप्रैल को रिलीज होने वाली पीएम मोदी की बायोपिक (PM Modi Biopic) को लेकर विपक्षी दलों ने आयोग से शिकायत की थी लेकिन चुनाव आयोग ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन नहीं माना था. ‘मिशन शक्ति’ पर पीएम मोदी के संबोधन को लेकर भी कई दलों ने सवाल उठाए थे लेकिन चुनाव आयोग ने पीएम को क्लीन चिट दे दी थी.

राफेल (Rafale Deal) मामले को लेकर ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने 'चौकीदार चोर है' का नारा दिया है, जिसको लेकर कांग्रेस (Congress) चुनाव में आगे बढ़ रही है. यहां तक कि कांग्रेस (Congress) की ओर से ये भी कहा जा रहा है कि अगर उनकी सरकार बनती है तो वह राफेल मामले की जांच भी करा सकते हैं. यह भी पढ़े-राफेल आने के बाद पाकिस्तान नहीं करेगा LOC के नजदीक आने की जुर्रत: IAF प्रमुख बीएस धनोआ

गौरतलब है कि चुनाव आयोग (Election Commission) इससे पहले भी भाजपा के ‘मैं भी चौकीदार’ पर आपत्ति दर्ज कर चुका था, जिसमें ‘मैं भी चौकीदार’ कप का इस्तेमाल ट्रेनों में किया जा रहा था. इसको लेकर आयोग ने रेलवे (Indian Railway) के अधिकारियों पर भी कार्रवाई करने की बात कही थी.

‘पीएम मोदी की बायोपिक पर संकट नहीं’

वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की जिंदगी पर बन रही फिल्म ‘पीएम नरेंद्र मोदी’ पर चुनाव आयोग को कोई आपत्ति नहीं है. चुनाव आयोग (Election Commission) का कहना है कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म को सर्टिफिकेट दे दिया है, ऐसे में फिल्म कब रिलीज़ होती है ये EC तय नहीं कर सकता है.

फिल्म पर रोक लगाने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) और दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) में याचिकाएं दाखिल की गई थीं. लेकिन आयोग (Election Commission) ने साफ कर दिया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान फिल्म को रिलीज़ करना आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है.

गौरतलब है कि राफेल (Rafale Deal) को लेकर कांग्रेस भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के खिलाफ शुरू से ही आक्रामक रही है. कांग्रेस ने राफेल को प्रमुख मुद्दा बनाया है और हर स्तर पर भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) को इसी मुद्दे पर घेर रही है चाहे वह संसद हो या फिर सड़क. पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी हर रैलियों और भाषणों में राफेल के मुद्दे को उठा रहे हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 03, 2019 09:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).