GDP Rate: 5 साल के निचले स्तर पर पहुंची जीडीपी, ग्रोथ रेट 5.8% पर फिसला
बता दें कि वित्त वर्ष 2018-19 में राजकोषीय घाटा जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) का 3.39 प्रतिशत रहा जो बजट के संशोधित अनुमान 3.4 प्रतिशत से कम है. आठ बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर अप्रैल में कम होकर 2.6 प्रतिशत रही जो पिछले साल इसी महीने में 4.7 प्रतिशत रही थी.
नई दिल्ली. मोदी सरकार (Modi Govt) के शपथ लेने के दूसरे दिन ही अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर बुरी खबर सामने आई है.बताना चाहते है कि वित्त वर्ष 2018-19 की चौथी तिमाही में देश का आर्थिक विकास दर घटकर 6 प्रतिशत से भी नीचे चला गया है. अभी-अभी जारी हुए आंकड़ों के मुताबकि, जनवरी-मार्च तिमाही में देश का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) महज 5.8 प्रतिशत की दर से बढ़ा है. वित्त वर्ष 2018-19 में जीडीपी (GDP) वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत रही जो इससे पूर्व वित्त वर्ष में 7.2 प्रतिशत थी.
बता दें कि वित्त वर्ष 2018-19 में राजकोषीय घाटा जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) का 3.39 प्रतिशत रहा जो बजट के संशोधित अनुमान 3.4 प्रतिशत से कम है. आठ बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर अप्रैल में कम होकर 2.6 प्रतिशत रही जो पिछले साल इसी महीने में 4.7 प्रतिशत रही थी.
बेरोजगारी दर भी आसमान पर.
दूसरी तरफ लेबर सर्वे के मुताबिक पिछले वित्त वर्ष में देश में बेरोजगारी दर भी 6.1% पर रही है. ध्यान रहे कि जनवरी महीने में ठीक यही आंकड़ा लीक हुआ था और तब कहा गया था कि देश में बेरोजगारी का आंकड़ा वर्ष 1972-73 के बाद पहली बार इतनी ऊंचाई को छू लिया है.
गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2017-18 की जनवरी-मार्च तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 8.1 प्रतिशत रही थी जबकि पूरे वित्त वर्ष में देश का आर्थिक विकास 7.2 प्रतिशत की दर से हुआ था. यानी, जनवरी-मार्च तिमाही में वित्त वर्ष 2017-18 के मुकाबले वित्त वर्ष 2018-19 में 2.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. वहीं, 2017-18 के पूरे वित्त वर्ष के जीडीपी ग्रोथ रेट के मुकाबले वित्त वर्ष 2018-19 में यह आंकड़ा 0.4 प्रतिशत की गिरावट आई.
(The above story first appeared on LatestLY on May 31, 2019 06:51 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

