देश

Karnataka: राज्य के सभी जिलों में एक 'सुपर 30' इंजीनियरिंग कॉलेज किया जाएगा विकसित

कर्नाटक के सभी जिले में एक कॉलेज को 'सुपर 30' इंजीनियरिंग कॉलेज के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से, हर जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण प्रदान करने और उद्योग की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा. विश्वेश्वरैया प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (वीटीयू) के कुलपति प्रो. करीसिद्दप्पा की अध्यक्षता वाली समिति में शिक्षाविद, उद्योग जगत के लीडर, अधिकारी शामिल होंगे.

Karnataka: राज्य के सभी जिलों में एक 'सुपर 30' इंजीनियरिंग कॉलेज किया जाएगा विकसित
स्टूडेंट्स (Photo Credits: Unsplash)

बेंगलुरु, 23 अक्टूबर: कर्नाटक (Karnataka) के सभी जिले में एक कॉलेज को 'सुपर 30' इंजीनियरिंग कॉलेज के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से, हर जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण प्रदान करने और उद्योग की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा. विश्वेश्वरैया प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (Visvesvaraya Technological University) (वीटीयू) के कुलपति प्रो. करीसिद्दप्पा की अध्यक्षता वाली समिति में शिक्षाविद, उद्योग जगत के लीडर, अधिकारी शामिल होंगे. यह भी पढ़े: कर्नाटक में कक्षा 1 से 5वीं तक के स्कूल को 25 अक्टूबर से फिर से खोलने की मिली अनुमति

उच्च शिक्षा मंत्री सीएन अश्वथ नारायण की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई प्रारंभिक बैठक में यह निर्णय लिया गया. इसका उद्देश्य हर जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण प्रदान करने और उद्योग की आवश्यकताओं को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करना है. नारायण ने कहा कि जहां कहीं भी सरकारी कॉलेज मौजूद है, उस पर प्राथमिकता के आधार पर विचार किया जाएगा और जिन जिलों में कोई सरकारी कॉलेज नहीं है, वहां निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों का चयन किया जाएगा.

मंत्री ने आगे कहा, गुणवत्ता वाले कॉलेजों को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा. लेकिन जिन लोगों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण की कमी है, उन्हें ही मॉडल कॉलेज के रूप में विकसित किया जाएगा. विकास मुख्य रूप से संकाय प्रशिक्षण, उद्योग सहयोग, प्रयोगशालाओं की स्थापना, विदेशी सहयोग और भौतिक बुनियादी ढांचे के बजाय ऐसी अन्य चीजों पर केंद्रित होगा.

शुरुआत में सभी चयनित कॉलेज में एक विभाग को अपग्रेडेशन के लिए लिया जाएगा और बाद में इसका विस्तार पूरे कॉलेज में किया जाएगा. नारायण ने बताया कि इसके लिए आवश्यक धनराशि को कंपनियों के सीएसआर फंडिंग द्वारा 1/3, वीटीयू द्वारा 1/3 और स्वयं संस्थान द्वारा 1/3 के अनुपात में साझा किया जाएगा. इस बैठक में चयनित कॉलेजों को प्रमुख उद्योगों से जोड़ने और उद्योगों को कॉलेजों को एंकरिंग संस्थानों के रूप में मार्गदर्शन करने की अनुमति देने का निर्णय लिया गया. इस प्रयास में पूर्व छात्रों को शामिल करने का भी सुझाव दिया गया.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 23, 2021 11:57 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).