Sudan Conflict: सूडान में अर्धसैनिक बलों के हमलों में 114 से अधिक नागरिक मारे गए; स्थानीय अधिकारी
पिछले दो दिनों में सूडान के पश्चिमी हिस्से में स्थित उत्तर दारफुर राज्य की राजधानी अल फाशर में दो शरणार्थी शिविरों पर अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेस (आरएसएफ) द्वारा किए गए हमलों में 114 से अधिक आम नागरिकों की मौत हो गई. यह जानकारी एक स्थानीय अधिकारी ने दी.
खार्तूम, 13 अप्रैल : पिछले दो दिनों में सूडान के पश्चिमी हिस्से में स्थित उत्तर दारफुर राज्य की राजधानी अल फाशर में दो शरणार्थी शिविरों पर अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेस (आरएसएफ) द्वारा किए गए हमलों में 114 से अधिक आम नागरिकों की मौत हो गई. यह जानकारी एक स्थानीय अधिकारी ने दी.
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर दारफुर राज्य के स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक इब्राहीम खातिर ने बताया, "शुक्रवार को जमजम शिविर पर आरएसएफ द्वारा किए गए हमले में 100 से अधिक लोगों की जान चली गई और दर्जनों लोग घायल हुए." उन्होंने आगे बताया, "शनिवार को अबू शौक शिविर पर एक और हमला हुआ, जिसमें 14 और लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए." यह भी पढ़ें : ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति बोल्सोनारो पेटदर्द के बाद अस्पताल में भर्ती
इब्राहीम खातिर ने यह भी बताया कि जमजम शिविर में मारे गए लोगों में रिलीफ इंटरनेशनल नामक गैर-सरकारी संस्था के 9 कर्मचारी भी शामिल हैं, जो शिविर में एक अस्थायी अस्पताल चला रहे थे. इमरजेंसी रूम नाम के एक स्वयंसेवी संगठन ने बताया कि शनिवार को अबू शौक शिविर पर आरएसएफ की भारी गोलाबारी में 40 नागरिक मारे गए और सैकड़ों लोग घायल हुए.
इन हमलों को लेकर आरएसएफ की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. 10 मई 2024 से अल फाशर में सूडान की सेना (एसएएफ) और आरएसएफ के बीच भारी लड़ाई चल रही है. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, अप्रैल 2023 के मध्य से सूडान में एसएएफ और आरएसएफ के बीच जारी संघर्ष में अब तक 29,600 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है.
संयुक्त राष्ट्र (यूएन) एजेंसियों ने सूडान में मानवीय संकट के बेहद गंभीर होने को लेकर चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि देश में अकाल फैल रहा है और हिंसक टकराव जारी है जिसमें सभी आयु वर्ग के नागरिकों को बलात्कार समेत अन्य दुर्व्यवहारो का सामना करना पड़ रहा है. वहीं दानदाता अब पीछे हट रहे हैं.
आपात सहायता मामलों के लिए यूएन कार्यालय के प्रवक्ता येन्स लार्क ने शुक्रवार को बताया कि शान्ति हासिल होती नजर नहीं आ रही है, जबकि सूडानी नागरिक इस विशाल मानवीय संकट में फंसे हुए हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 13, 2025 10:05 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

