Jur Sital 2025 Messages: मैथिली नववर्ष ‘जुड़ शीतल’ के इन हिंदी Quotes, WhatsApp Wishes, Facebook Greetings के जरिए दें प्रियजनों को शुभकामनाएं
जुड़ शीतल का अर्थ है शीतलता की प्राप्ति, इसलिए शीतलता के पर्व जुड़ शीतल को मैथिली नव वर्ष के तौर पर हर्षोल्लास के साथ सेलिब्रेट किया जाता है और इसका काफी महत्व बताया जाता है. इस पर्व की लोग शुभकामना संदेशों के जरिए बधाई भी देते हैं. ऐसे में आप भी इन हिंदी मैसेजेस, कोट्स, वॉट्सऐप विशेज, फेसबुक ग्रीटिंग्स को भेजकर अपने प्रियजनों को मैथिली नववर्ष ‘जुड़ शीतल’ की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Jur Sital/Maithili New Year 2025 Messages In Hindi: बिहार (Bihar) और नेपाल (Nepal) के मिथिला क्षेत्र में मैथिली न्यू ईयर (Maithili New Year) को जुड़ शीतल (Jur Sital) के नाम से बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है. इस साल यह पर्व 14 अप्रैल 2025 को मनाया जा रहा है. जिस प्रकार मिथिला के लोग छठ में सूर्यदेव और चौरचन में चंद्रमा की पूजा करते हैं, उसी तरह से जुड़ शीतल पर मैथिली समाज के लोग जल की पूजा करके शीतलता की कामना करते हैं. इस पर्व के पहले दिन सतुआन होता है, जबकि दूसरे दिन धुरखेल मनाया जाता है. जुड़ शीतल के दिन मैथिली समुदाय के लोग कुएं और तालाब जैसे जल संग्रह वाली जगहों की सफाई करते हैं. इस पर्व को मनाने के पीछे फसल तंत्र और मौसम को कारक बताया गया है.
जुड़ शीतल का अर्थ है शीतलता की प्राप्ति, इसलिए शीतलता के पर्व जुड़ शीतल को मैथिली नव वर्ष के तौर पर हर्षोल्लास के साथ सेलिब्रेट किया जाता है और इसका काफी महत्व बताया जाता है. इस पर्व की लोग शुभकामना संदेशों के जरिए बधाई भी देते हैं. ऐसे में आप भी इन हिंदी मैसेजेस, कोट्स, वॉट्सऐप विशेज, फेसबुक ग्रीटिंग्स को भेजकर अपने प्रियजनों को मैथिली नववर्ष ‘जुड़ शीतल’ की शुभकामनाएं दे सकते हैं.





जुड़ शीतल के दिन घर के बड़े-बुजुर्ग परिवार में खुद से छोटे लोगों के सिर पर बासी पानी डालकर 'जुड़ैल रहु' का आशीर्वाद देते हैं. इसके पीछे मान्यता है कि ऐसा करने से पूरी गर्मी सिर में ठंडक बरकरार रहती है. इसके अलावा इस दिन शाम के समय परिवार के सभी लोग पेड़-पौधों को जल से सिंचते हैं. वहीं इस दिन मिथिला समाज के लोग चूल्हा नहीं जलाते हैं और सतुआन के अगले दिन सत्तू व बेसन से बनाए गए बासी भोजन को ही खाते हैं. बताया जाता है कि सत्तू और बेसन से बने व्यंजन अधिक समय तक खराब नहीं होते हैं, इसलिए यहां गर्मियों में सत्तू और बेसन का इस्तेमाल अधिक किया जाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 14, 2025 07:30 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

