Vishu 2025 Wishes: विशु के इन शानदार WhatsApp Stickers, GIF Greetings, HD Images, Wallpapers के जरिए दें केरल नववर्ष की बधाई
केरल नववर्ष 2025 (Photo Credits: File Image)

Vishu/Kerala New Year 2025 Wishes: देश के कई हिस्सों में जहां चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नव संवत यानी हिंदू नववर्ष (Hindu New Year) की शुरुआत होती है तो वहीं भारत के कई हिस्सों में 13 या 14 अप्रैल को नए साल का पर्व मनाया जाता है. दरअसल, अप्रैल में मनाया जाने वाला नववर्ष का पर्व सौर नववर्ष की शुरुआत होती है, क्योंकि इस दिन सूर्यदेव मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करते हैं, इसलिए इसे मेष संक्रांति (Mesh Sankranti) के तौर पर मनाया जाता है. जबकि केरल (Kerala) में इसे विशु (Vishu) यानी केरल नववर्ष (Kerala New Year) के तौर पर मनाया जाता है. इस साल विशु का त्योहार 14 अप्रैल 2025 को मनाया जा रहा है. विशु से ठीक एक दिन पहले लोग रात के 12 बजे भगवान के सामने नए वस्त्र, आभूषण, फल, भगवत गीता और रामायण सजाकर रख देते हैं, फिर सुबह उठने के बाद सबसे पहले भगवान के दर्शन करते हैं, जिसे विशुकानी कहा जाता है.

विशुकानी की रस्म को अदा करने के बाद विशु के दिन लोग मंदिर जाकर भगवान के दर्शन करते हैं और उन्हें तरह-तरह के पकवानों का भोग अर्पित करते हैं, इसके बाद परिवार के साथ मिलकर भोजन करते हैं. इस दिन पुरुष धोती पहनते हैं और महिलाएं कसुवु साड़ी पहनती हैं. विशु के इस पावन अवसर पर आप इन शानदार विशेज, वॉट्सऐप स्टिकर्स, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, एचडी इमेजेस, वॉलपेपर्स के जरिए अपनों को बधाई दे सकते हैं.

1- केरल नववर्ष की शुभकामनाएं

केरल नववर्ष 2025 (Photo Credits: File Image)

2- विशु की हार्दिक बधाई

केरल नववर्ष 2025 (Photo Credits: File Image)

3- केरल नववर्ष की बधाई

केरल नववर्ष 2025 (Photo Credits: File Image)

4- हैप्पी केरल न्यू ईयर

केरल नववर्ष 2025 (Photo Credits: File Image)

5- हैप्पी विशु 2025

केरल नववर्ष 2025 (Photo Credits: File Image)

विशु यानी केरल नववर्ष के दिन केरलवासी भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा करते हैं, इसके साथ ही अच्छी फसल के लिए प्रार्थना करते हैं. ऐसी मान्यता है कि इस दिन श्रीहरि और श्रीकृष्ण के पूजन व दर्शन से जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली का आगमन होता है. गौरतलब है कि विशु मलयालम कैलेंडर के पहले महीने मेडम का पहला दिन है, इसलिए इसे नववर्ष के तौर पर मनाया जाता है. इस पर्व को असम में बोहाग बिहू, तमिलनाडु में पुथांडु, पंजाब में बैसाखी, पश्चिम बंगाल में पोइला बैसाख, ओडिशा में पना संक्रांति और बिहार में जुड़ शीतल के तौर पर मनाया जाता है.