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GST Council Meet: कोरोना महामारी के चलते 2.35 लाख करोड़ रुपये की कमी की आशंका

वस्तु एवं सेवा कर (GST) परिषद की गुरुवार को बैठक हुई. जिस बैठक में मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई में इस बैठक में कई फैसले लिए गए हैं. इस बैठक में राज्यों को जीएसटी के मुआवजे पर मंथन हुई है. वित्त मंत्री ने बताया कि पांच घंटे तक चली बैठक में राज्यों को 2 विकल्प दिए गए हैं. केंद्र खुद उधार लेकर राज्यों को मुआवजा दे या फिर आरबीआई से उधार लिया जाए. राज्य 7 दिनों के भीतर अपनी राय देंगे. यानी सात दिन के बाद एक फिर संक्षिप्त बैठक होगी. यह विकल्प सिर्फ इस साल के लिए है.

GST Council Meet:  कोरोना महामारी के चलते 2.35 लाख करोड़ रुपये की कमी की आशंका
जीएसटी की बैठक (Photo Credits: Twitter/PIB)

नई दिल्ली: जीएसटी परिषद की 41वीं बैठक गुरुवार को दिल्ली में बैठक हुई. बैठक में वित्त  मंत्री निर्मला सीतारमण  (Nirmala sitharaman) की अगुवाई में इस बैठक में कई फैसले लिए गए हैं. इस बैठक में राज्यों को जीएसटी (GST) के मुआवजे पर मंथन हुई है. बैठक में वित्त  मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा वस्तु एवं सेवा कर परिषद की बैठक में राज्यों को 2 विकल्प दिए गए हैं. केंद्र खुद उधार लेकर राज्यों को मुआवजा दे या फिर आरबीआई (RBI)  से उधार लिया जाए. राज्य 7 दिनों के भीतर अपनी राय देंगे. यानी सात दिन के बाद एक फिर संक्षिप्त बैठक होगी. यह विकल्प सिर्फ इस साल के लिए है.

मीडिया को जानकारी देते हुए  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अर्थव्यवस्था कोरोना महामारी से प्रभावित हुई है, जो कि एक दैवीय घटना है और इससे चालू वित्त वर्ष में इसमें संकुचन आयोगा. चालू चालू वित्त वर्ष में जीएसटी राजस्व प्राप्ति में 2.35 लाख करोड़ रुपये की कमी का अनुमान लगाया गया है. यह भी पढ़े: GST New Provisions: जीएसटी में नए प्रावधान का कितना होगा फायदा

वहीं उन्होंने कहा कि केंद्र के आकलन के अनुसार चालू वित्त वर्ष में क्षतिपूर्ति के रूप में राज्यों को 3 लाख करोड़ रुपये की जरूरत होगी. इसमें से 65,000 करोड़ रुपये की भरपाई जीएसटी के अंतर्गत लगाये गये उपकर से प्राप्त राशि से होगी. इसीलिए कुल 2.35 लाख करोड़ रुपये की कमी रहने का अनुमान है. केंद्र के अनुसार 2.35 लाख करोड़ रुपये में से 97,000 करोड़ रुपये की कमी जीएसटी क्रियान्वयन की वजह से है जबकि शेष का कारण कोविड-19 का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव है.

बता दें कि कोरोना महामारी की रोकथाम को लेकर किए गए देशव्यापी लॉकडाउन और उससे देशभर में आर्थिक गतिविधियों के प्रभावित होने के चलते जीएसटी संग्रह में भारी कमी आई है. इसलिए केंद्र सरकार के पास एक विकल्प यह है कि वह अपनी उधारी का एक हिस्से का उपयोग राज्यों को जीएसटी मुआवजे के भुगतान के रूप में करे. दरअसल मार्च के बाद राज्यों को मुआवजे का भुगतान नहीं किया गया है. यहां तक कि मार्च के मुआवजे के भुगतान में भी विलंब हुआ और जुलाई के आखिर में ही भुगतान हो पाया. (इनपुट भाषा)

 

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 27, 2020 05:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).