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बिहार और असम में बाढ़ से हाहाकार: मरने वालों की संख्या हुई 139, 1 करोड़ से ज्यादा लोग प्रभावित

असम में शुक्रवार को मरने वालों की संख्या 47 पहुंच गई. राज्य के 33 जिलों में से 27 जिले बाढ़ का प्रकोप झेल रहे हैं. बाढ़ से 3,705 गांवों की 48,87,443 आबादी प्रभावित है. बारपेटा जिले में 600 से अधिक गांव डूब गए हैं. वहीं बिहार में भी बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है. राज्य में बाढ़ से अब तक 92 लोगों की मौत हो गई है.

बिहार और असम में बाढ़ से हाहाकार: मरने वालों की संख्या हुई 139, 1 करोड़ से ज्यादा लोग प्रभावित
बिहार और असम में बाढ़ से हाहाकार (Photo Credits- Twitter)

बिहार (Bihar) और असम (Assam) में बाढ़ से हालात अभी भी खराब हैं. दोनों राज्यों में अब तक बाढ़ से 139 लोगों की मौत हो चुकी है. असम में शुक्रवार को मरने वालों की संख्या 47 पहुंच गई. राज्य के 33 जिलों में से 27 जिले बाढ़ का प्रकोप झेल रहे हैं. बाढ़ से 3,705 गांवों की 48,87,443 आबादी प्रभावित है. बारपेटा जिले में 600 से अधिक गांव डूब गए हैं. वहीं बिहार में भी बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है. राज्य में बाढ़ से अब तक 92 लोगों की मौत हो गई है. बिहार में आई बाढ़ से 12 जिलों की करीब 67 लाख आबादी प्रभावित हुई है. सीतामढ़ी जिले में सबसे बुरे हालात हैं. इस जिले में अकेले 27 लोगों की मौत हुई थी.

असम स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (ASDMA) के आंकड़ों के मुताबिक असम में बाढ़ से 1.79 लाख हेक्टेयर भूमि पर खड़ी फसल बर्बाद हो चुकी है. इंसानों के साथ-साथ जानवरों का भी बुरा हाल है. मशहूर काजीरंगा नेशनल पार्क व पोबीतोरा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी का 90 फीसदी हिस्सा पानी में डूब चुका है. ब्रह्मापुत्र समेत अन्य नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर कायम है.

सेना के जवान कर रहे हर संभव मदद 

लोअर असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों में सेना के जवान 11 जून 2019 से ही बड़े पैमाने पर बाढ़ राहत अभियान चला रहे हैं. पिछले 6 दिनों में सेना ने 488 लोगों की जान बचाई है, जबकि 450 लोगों तक राहत पहुंचाई है. स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के 10 बीजेपी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि राज्य में बाढ़ से निपटने और राहत पहुंचाने में केंद्र हर संभव मदद करेगा.

बिहार में लगातार बढ़ रहा मौत का आंकड़ा 

बिहार में पिछले 24 घंटों में विभिन्न इलाकों में बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या 14 हो गई जिससे इस मानसूनी बारिश में यह आंकड़ा बढ़कर 92 तक पहुंच गया है. राज्य में राहत और पुनर्वास अभियान पूरी क्षमता से चलाये जा रहे हैं लेकिन बाढ़ के प्रकोप के सामने यह प्रबंध फीका नजर आ रहा है. सीएम नीतीश कुमार ने 180 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि वाला एक अभियान शुरु किया जिसके अंतर्गत प्रभावित लोगों को प्रत्यक्ष धन अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से सहायता दी जायेगी.

सबसे अधिक प्रभावित जिला  सीतामढ़ी

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिला सीतामढ़ी है. राज्य में 18 जुलाई तक हुई कुल 78 मौतों में यहां 27 लोगों की जानें जा चुकी हैं. राज्य में इस बाढ़ का कारण नेपाल में बीते सप्ताह हुई मूसलधार बारिश है.

बिहार के गावों के बाद अब बाढ़ का प्रकोप शहरों की तरफ बढ़ रहा है. शुक्रवार को मुजफ्फरपुर, दरभंगा व समस्तीपुर के शहरी क्षेत्र के कई मोहल्लों में बाढ़ का पानी घुस गया. अफरातफरी के माहौल के बीच बाढ़ग्रस्त मोहल्ले के लोग लगातार एनएच, सड़क व अन्य ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे हैं.

केरल में भी बारी बारिश से हालात बेकाबू 

असम और बिहार के अलावा केरल के कई हिस्सों में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. सात मछुआरे लापता हैं. मौसम विभाग के अनुसार इडुक्की, कोझीकोड, वायनाड, मल्लपुरम और कन्नूर जिलों में शुक्रवार को 20 सेमी से अधिक बारिश के चलते रेड अलर्ट (बहुत ज्यादा बारिश) जारी किया गया है. इन स्थानों में 19-22 जुलाई को भारी बारिश की भविष्यवाणी की गयी थी, जबकि सुदूर उत्तर के कासरगोड जिले में शनिवार को रेड अलर्ट घोषित किया गया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 20, 2019 04:19 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).