Assam Flood: असम में बाढ़ और भूस्खलन से बिगड़े हालात! अब तक 10 की मौत, 4 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित (Watch Video)
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Assam Flood: असम में बाढ़ और भूस्खलन से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. रविवार को दो और लोगों की मौत के साथ राज्य में अब तक इस आपदा से मरने वालों की संख्या 10 तक पहुंच गई है. राज्य के 20 से ज्यादा जिलों में 4 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. लगातार हो रही बारिश ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि राज्य और अरुणाचल प्रदेश में हो रही बारिश के चलते निचले इलाकों और नदी किनारे बसे लोगों के लिए हालात और गंभीर हो सकते हैं.

उन्होंने बताया कि गृह मंत्री अमित शाह ने फोन कर स्थिति की जानकारी ली और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है.

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'ब्रह्मपुत्र' का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाके जलमग्न

मूसलाधार बारिश के बाद बाढ़ जैसी स्थिति

हर संभव मदद का आश्वासन

बचाव और राहत कार्य जारी

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के मुताबिक, राज्य के 19 जिलों की 764 गांवों में लोग बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं. कछार जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां 1.03 लाख से अधिक लोग परेशान हैं. श्रीभूमि में 83,621 और नगांव में 62,700 लोग प्रभावित हुए हैं. राज्य में 52 राहत शिविर और 103 वितरण केंद्र चलाए जा रहे हैं, जहां 10,000 से अधिक लोगों को आश्रय दिया गया है.

IAF का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन

उधर भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टर की मदद से असम-अरुणाचल सीमा पर बमजिर नदी में फंसे 14 लोगों को सुरक्षित बचाया गया. तिनसुकिया जिले के डीसी स्वपनील पॉल ने बताया कि तेज बारिश और नदी में जलस्तर बढ़ने की वजह से लोग फंसे थे. जिला प्रशासन ने समय पर कार्रवाई करते हुए वायुसेना और अरुणाचल प्रशासन की मदद से रेस्क्यू पूरा किया.

शहरी इलाकों में जलभराव और फसलें बर्बाद

चार जिलों में शहरी बाढ़ से 41,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. साथ ही, चार जिलों में भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आई हैं. गुवाहाटी में हालिया भूस्खलनों में मारे गए 5 लोगों के परिवारों को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी. 3,524 हेक्टेयर फसल भूमि डूब गई है और 696 मवेशियों की मौत हो चुकी है.

नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर

ब्रह्मपुत्र, धानसिरी, कोपिली, कटकाल, बराक और कुशियारा नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि सिलचर, करीमगंज और हैलाकांडी जैसे इलाकों में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है. लोगों को स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है.

ट्रांसपोर्ट पर भी असर

बारिश और जलभराव के कारण चार ट्रेनों को रद्द और एक को आंशिक रूप से रोका गया है. जोराबाट से माजुली के बीच फेरी सेवा भी बंद कर दी गई है. कामरूप जिले में NH-17 का एक हिस्सा पानी में डूब गया है और वैकल्पिक मार्गों** से यातायात चलाया जा रहा है.

राज्य में ‘असामान्य मौसम’ से जूझ रहा प्रशासन

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि यह एक 'असामान्य मौसम की स्थिति' है, जिससे निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है. अभी और बारिश की संभावना है, इसलिए सभी लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है.