कांग्रेस का चुनावी दांव: 30 लाख नौकरी, महिलाओं को 1 लाख रुपए, पीएमएलए में बदलाव
कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को लोकसभा चुनाव के लिए अपना घोषणा पत्र जारी किया. कांग्रेस ने घोषणा पत्र को 'न्याय पत्र' नाम दिया है. इसके साथ ही कांग्रेस ने 'हाथ बदलेगा हालात' का नारा दिया है.
नई दिल्ली, 5 अप्रैल : कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को लोकसभा चुनाव के लिए अपना घोषणा पत्र जारी किया. कांग्रेस ने घोषणा पत्र को 'न्याय पत्र' नाम दिया है. इसके साथ ही कांग्रेस ने 'हाथ बदलेगा हालात' का नारा दिया है. कांग्रेस के मुख्य वादों में 30 लाख सरकारी नौकरियां, वंचित परिवार की महिलाओं को प्रतिवर्ष एक लाख रुपये, एमएसपी को कानूनी दर्जा, जाति जनगणना व पीएमएलए कानून में बदलाव शामिल है.
कांग्रेस के मेनिफेस्टो को पांच 'न्याय' और 25 'गारंटी' पर केंद्रित रखा गया है. कांग्रेस ने पीएमएलए कानून में बदलाव का वादा किया है. कांग्रेस ने जमानत के संदर्भ में एक कानून बनाने का वादा किया है जो इस आशय को पुन: स्पष्ट करेगा कि सभी आपराधिक कानूनों में जमानत नियम है, जेल अपवाद है. पार्टी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं गरीब सामान्य वर्ग को मिलने वाले आरक्षण पर 50 प्रतिशत का कैप हटाएगी. इसके अलावा कांग्रेस ने जाति जनगणना का समर्थन किया है और मनरेगा के तहत मिलने वाली मजदूरी 400 रुपए करने का वादा किया है. यह भी पढ़ें : BJP Foundation Day: ‘फिर एक बार, मोदी सरकार’ के नारे के साथ 10 लाख से ज्यादा बूथों पर विशेष कार्यक्रम करेगी भाजपा
कांग्रेस का कहना है कि वह यह सुनिश्चित करेगी कि पुलिस, जांच और खुफिया एजेंसियां सख्ती से कानून के अनुसार काम करे. जिन बेलगाम शक्तियों का अभी वो प्रयोग करते हैं, उन्हें कम कर दिया जाएगा. जैसा भी मामला हो, उन्हें संसद या राज्य विधानमंडलों की निगरानी में लाया जाएगा. कानून को शस्त्र बनाकर उपयोग करने, मनमानी तलाशी, जब्ती और कुर्की और अंधाधुंध गिरफ्तारियां, थर्ड डिग्री तरीके, लंबी हिरासत, हिरासत में मौत और बुलडोजर न्याय को समाप्त कर दिया जाएगा.
कांग्रेस ने प्रत्येक गरीब भारतीय परिवार को बिना शर्त नकद हस्तांतरण के रूप में एक लाख रुपए प्रति वर्ष प्रदान करने के लिए महालक्ष्मी योजना शुरू करने का संकल्प लिया है. पहली नौकरी पक्की गारंटी : कांग्रेस शिक्षु (अप्रेंटिस) एक्ट, 1961 को हटाकर प्रशिक्षुता (अप्रेंटिसशिप) अधिकार अधिनियम लाएगी. यह कानून 25 वर्ष से कम उम्र के प्रत्येक डिप्लोमा धारक या कॉलेज स्नातक के लिए, निजी एवं सरकारी क्षेत्र की कंपनी में एक साल का प्रशिक्षुता कार्यक्रम प्रदान करेगा.
कांग्रेस की गारंटी पर जानकारी देते हुए कांग्रेस नेता व पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि हमारे सभी गारंटी ठोस आधार पर बनाई गई है. कांग्रेस नौकरी परीक्षाओं के लिए पेपर लीक (प्रश्न पत्र लीक) होने के मामलों का निपटारा करने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों का गठन करेगी और पीड़ितों को आर्थिक मुआवजा प्रदान करेगी.
कांग्रेस का कहना है कि वह शिक्षा एवं नौकरियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को मिलने वाले 10 प्रतिशत आरक्षण को बिना किसी भेदभाव के सभी जाति और समुदाय के लोगों के लिए लागू कराएगी. सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों के परामर्श से, कांग्रेस एक राष्ट्रीय न्यायिक आयोग की स्थापना करेगी. आयोग की संरचना का निर्णय सर्वोच्च न्यायालय के परामर्श से किया जाएगा. यह आयोग उच्च न्यायालयों और उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों के चयन और नियुक्ति के लिए जिम्मेदार होगा.
न्याय पत्र की घोषणा कांग्रेस मुख्यालय में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी, मैनिफेस्टो समिति अध्यक्ष पी. चिदंबरम और कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल व राहुल गांधी ने की.
इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि यह चुनाव लोकतंत्र और लोकतांत्रिक संस्थाओं को बचाने का चुनाव है. इसके साथ ही राहुल गांधी ने चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करने की आशा भी व्यक्त की, हालांकि उनकी पार्टी इन लोकसभा चुनाव में कितनी सीटें जीत सकेगी इसके लिए उन्होंने कोई नंबर नहीं बताए.
वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हमारा ये न्याय पत्र देश की राजनीति के इतिहास में न्याय के दस्तावेज के रुप में याद किया जाएगा. यह राहुल के नेतृत्व में चली 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' में 5 पिलर पर केंद्रित है. इन पिलर में से 25 गारंटी निकलती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 05, 2024 01:51 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

