Vat Purnima 2025 Wishes: वट पूर्णिमा के इन हिंदी Quotes, WhatsApp Messages, Facebook Greetings के जरिए दें सखी-सहेलियों को शुभकामनाएं
वट पूर्णिमा के दिन सुहागन महिलाएं निर्जल व्रत रखकर सजती-संवरती हैं और सोलह श्रृंगार करके वट वृक्ष की विधि-विधान से पूजा करती हैं, ताकि उनके पति को दीर्घायु होने और खुशहाल वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद प्राप्त हो. वट पूर्णिमा के इस खास अवसर पर आप इन हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए अपनी सखी-सहेलियों को पर्व की प्यार भरी शुभकामनाएं दे सकती हैं.
Vat Purnima 2025 Wishes in Hindi: सुहागन महिलाएं (Married Women) अपने पति की दीर्घायु और अच्छी सेहत के लिए साल भर में कई व्रत करती हैं, जिसमें से एक है वट सावित्री का व्रत (Vat Savitri Vrat), जिसे साल में दो बार रखा जाता है. पहली बार वट सावित्री का व्रत ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को रखा जाता है और दूसरा ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा तिथि को रखा जाता है. इस दिन महिलाएं निर्जल व्रत रखकर वट वृक्ष की विधि-विधान से पूजा-पाठ करती हैं और इसकी परिक्रमा करके पति की लंबी आयु की कामना करती हैं. इस साल महिलाएं वट पूर्णिमा (Vat Purnima) का व्रत 10 जून 2025 को कर रही हैं. इस पर्व को महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत में धूमधाम से मनाया जाता है, जबकि ज्येष्ठ अमावस्या को पड़ने वाले वट सावित्री के पर्व को उत्तर भारत के पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और ओडिशा जैसे राज्यों में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है.
वट पूर्णिमा के दिन सुहागन महिलाएं निर्जल व्रत रखकर सजती-संवरती हैं और सोलह श्रृंगार करके वट वृक्ष की विधि-विधान से पूजा करती हैं, ताकि उनके पति को दीर्घायु होने और खुशहाल वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद प्राप्त हो. वट पूर्णिमा के इस खास अवसर पर आप इन हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए अपनी सखी-सहेलियों को पर्व की प्यार भरी शुभकामनाएं दे सकती हैं.





गौरतलब है कि वट सावित्री की तरह ही वट पूर्णिमा के दिन वट वृक्ष की पूजा की जाती है और सत्यवान व सावित्री की कथा सुनी जाती है. इस दिन महिलाएं वट वृक्ष यानी बरगद के पेड़ के नीचे सत्यवान और सावित्री की प्रतिमा रखकर उनकी विधिवत पूजा करती हैं. वट वृक्ष को जल अर्पित करके कच्चे सूत को लपेटते हुए उसकी सात बार परिक्रमा करती हैं. कहा जाता है कि सावित्री ने मृत्यु के देवता यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण बचाए थे, इसलिए अखंड सौभाग्य के इस पर्व पर उनकी कथा सुनी जाती है और अखंड सौभाग्य की कामना की जाती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 09, 2025 02:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

