Shivrajyabhishek Diwas 2025 Wishes: शिवराज्याभिषेक दिवस के इन हिंदी Quotes, WhatsApp Messages, Facebook Greetings को भेजकर दें शुभकामनाएं
मराठा साम्राज्य के संस्थापक, महान शासक और वीर योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज ने एक स्वतंत्र मराठा साम्राज्य की स्थापना के लिए बीजापुर के आदिलशाही और मुगल साम्राज्य के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी. शिवराज्याभिषेक दिवस के इस खास अवसर पर आप इन शानदार हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स को अपने दोस्तों-रिश्तेदारों संग शेयर कर उन्हें शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Shivrajyabhishek Diwas 2025 Wishes in Hindi: मराठा साम्राज्य की नींव रखने वाले छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) का राज्याभिषेक हिंदू पंचांग के अनुसार, सन 1674 में ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रायगढ़ किले में हुआ था और यह तिथि इस साल 9 जून 2025 को पड़ रही है. वहीं ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार उनका राज्याभिषेक 6 जून 1674 हुआ था, इसलिए हर साल 6 जून को शिवराज्याभिषेक दिवस (Shivrajyabhishek Diwas) को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. राज्याभिषेक के बाद उन्हें छत्रपति की उपाधि मिली और वे शिवाजी महाराज से छत्रपति शिवाजी महाराज कहलाए. दरअसल, मराठा साम्राज्य को एक संप्रभु स्वतंत्र राज्य के रूप में सार्वभौमिक मान्यता दिलाने के लिए शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक आवश्यक था, इसलिए उनका राज्याभिषेक किया गया. मराठा साम्राज्य की नींव रखने के बाद उन्होंने एक अनुशासित सेना और एक सुव्यवस्थित प्रशासनिक निकाय की मदद से कुशल और प्रगतिशील प्रशासन प्रदान किया.
मराठा साम्राज्य के संस्थापक, महान शासक और वीर योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज ने एक स्वतंत्र मराठा साम्राज्य की स्थापना के लिए बीजापुर के आदिलशाही और मुगल साम्राज्य के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी. शिवराज्याभिषेक दिवस के इस खास अवसर पर आप इन शानदार हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स को अपने दोस्तों-रिश्तेदारों संग शेयर कर उन्हें शुभकामनाएं दे सकते हैं.





गौरतलब है कि छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक भारत के इतिहास की एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटना थी, जिसे पूरे महाराष्ट्र में आज भी बहुत धूमधाम से मनाया जाता है. राज्याभिषेक के बाद शिवाजी महाराज को छत्रपति की जो उपाधि मिली, उसका अर्थ है- संप्रभु और सर्वशक्तिमान. बताया जाता है कि शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक के लिए खास तौर पर 32 मन सोने का एक सुंदर सिंहासन बनवाया गया था. राज्याभिषेक के बाद उन्होंने प्रशासन के लिए मराठी भाषा के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया. इसके साथ ही उन्होंने शिवशाक् नामक एक नए युग की शुरुआत की, जिसके बाद उन्होंने ‘शिवराय’ और ‘मान’ जैसी दो मुद्राएं बनाईं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 09, 2025 06:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

