मुंबई: महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) ने राज्य के भाषाई गौरव और सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण रखने के लिए स्कूली शिक्षा के स्तर पर एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है. सोमवार, 29 जून 2026 को महाराष्ट्र विधानसभा (Maharashtra Legislative Assembly) में प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने स्पष्ट किया कि राज्य में सक्रिय सभी माध्यमों (अंग्रेजी, हिंदी, उर्दू, गुजराती आदि) और सभी शिक्षा बोर्डों (SSC, CBSE, ICSE, IB) के स्कूलों में कक्षा 1 से लेकर कक्षा 10 तक मराठी भाषा को अनिवार्य रूप से पढ़ाना होगा. सरकार ने चेतावनी दी है कि जो भी शैक्षणिक संस्थान इस कानून का पालन करने में कोताही बरतेंगे, उनके खिलाफ ₹1 लाख तक का जुर्माना लगाया जाएगा और यदि इसके बाद भी सुधार नहीं हुआ तो स्कूल की मान्यता (Recognition) हमेशा के लिए रद्द कर दी जाएगी.
केवल कागजों पर नहीं, अनिवार्य रूप से करानी होगी परीक्षा
विधानसभा में चर्चा के दौरान भाजपा विधायक अतुल भातखलकर ने यह मुद्दा उठाया था कि क्या मराठी को केवल चित्रकला या हस्तशिल्प जैसे वैकल्पिक और ग्रेडेड विषयों की तरह एक औपचारिक विषय बनाकर छोड़ दिया जाएगा या इसके लिए बकायदा परीक्षाएं होंगी.
इस शंका का समाधान करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने दृढ़ता से कहा, "मराठी भाषा केवल कागजों पर या नाममात्र के लिए अनिवार्य विषय नहीं रहेगी. हर स्कूल में प्रत्येक कक्षा के लिए मराठी की लिखित परीक्षा (Exams) निश्चित रूप से आयोजित की जाएगी और छात्रों के प्रदर्शन का मूल्यांकन अंक-आधारित (Marks-based Evaluation) प्रणाली से होगा."
अप्रैल 2026 के नए सरकारी प्रस्ताव (GR) से कड़े हुए नियम
मंत्री दादा भुसे ने सदन को जानकारी दी कि यह पूरी व्यवस्था 'महाराष्ट्र स्कूलों में मराठी भाषा का अनिवार्य शिक्षण और अधिगम अधिनियम, 2020' के तहत लागू की जा रही है. उन्होंने बताया कि साल 2020 में लागू किए गए इस कानून के तहत चरणबद्ध क्रियान्वयन (Phased Implementation) की प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है.
इस नीति को और अधिक प्रभावी व सख्त बनाने के लिए सरकार ने 17 अप्रैल 2026 को एक नया सरकारी प्रस्ताव (GR) जारी किया था. इस नए जीआर में पहली बार नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द करने का कड़ा प्रावधान जोड़ा गया है. सभी स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे तुरंत निर्धारित योग्यताओं वाले पूर्णकालिक मराठी शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करें, और इसकी निगरानी के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारी नियमित रूप से स्कूलों का औचक निरीक्षण करेंगे.
महाराष्ट्र ने सभी स्कूलों में मराठी परीक्षा अनिवार्य की
#BREAKING: Maharashtra Minister Dada Bhuse said Marathi will be mandatory from Classes 1 to 10 in all schools across education boards, warning that strict action will be taken against officials if schools fail to implement the directive. pic.twitter.com/NLSxprnRPW
— IANS (@ians_india) June 29, 2026
अधिकारियों पर भी होगी कार्रवाई, विधायकों से निगरानी की अपील
सदन में चर्चा के दौरान विपक्ष के विधायकों—वरुण सरदेसाई (शिवसेना-यूबीटी) और नितिन राउत (कांग्रेस)—ने कानून के क्रियान्वयन की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए और अब तक दोषी पाए गए स्कूलों की सूची मांगी. वहीं, शिवसेना (यूबीटी) के विधायक सुनील प्रभु ने मांग की कि इस ₹1 लाख के जुर्माने को बढ़ाकर सीधे ₹10 लाख किया जाना चाहिए.
विपक्ष के सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए शिक्षा मंत्री ने चेतावनी दी कि यदि विभाग के किसी अधिकारी ने भी इस कानून को लागू कराने में ढिलाई बरती या लापरवाही दिखाई, तो उनके खिलाफ भी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने सभी विधायकों से जनभागीदारी की अपील करते हुए कहा कि वे अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों के स्कूलों का दौरा करें और यह सुनिश्चित करें कि हर माध्यम के बच्चे को मराठी सिखाई जा रही है.
पाठ्यपुस्तकों में संशोधन और राज्य गीत का सम्मान
भाषाई अनिवार्यता के साथ-साथ शिक्षा मंत्री ने सदन में कुछ अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं:
- छत्रपति शिवाजी महाराज का इतिहास: राज्य सरकार के विशेष अनुरोध पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सीबीएसई (CBSE) की पाठ्यपुस्तकों में छत्रपति शिवाजी महाराज के इतिहास के अध्याय को बढ़ाकर अब 22 पन्नों का कर दिया है, ताकि देश भर के छात्र उनके योगदान को पढ़ सकें.
- पाठ्यपुस्तकों में सुधार: सावित्रीबाई फुले और महात्मा ज्योतिराव फुले से जुड़े अध्यायों में पाई गई कुछ ऐतिहासिक विसंगतियों को दूर करने के लिए राज्य सरकार अपनी पाठ्यपुस्तकों की समीक्षा कर रही है और हटाए गए महत्वपूर्ण पाठों को दोबारा बहाल किया जाएगा.
- राज्य गीत: महाराष्ट्र के सभी स्कूलों को राष्ट्रगान की तरह ही पूरे सम्मान के साथ राज्य गीत "जय जय महाराष्ट्र माझा" (Jai Jai Maharashtra Majha) का गायन अनिवार्य रूप से करना होगा.












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