कल का मौसम: बिहार में मानसून की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है. मौसम विज्ञान केंद्र पटना (IMD) द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, कल यानी 20 जुलाई 2026 को राज्य के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश होने की प्रबल संभावना है. मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम बिहार के 12 प्रमुख जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' (Orange Alert) जारी किया है. इस दौरान भारी बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली (ठनका) गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है.
इन 12 जिलों में जारी हुआ ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, राज्य के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीवान, गोपालगंज, सारण, रोहतास, भभुआ, भोजपुर, बक्सर, अरवल और औरंगाबाद जिलों में सोमवार को मानसून का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा. इन क्षेत्रों के ज्यादातर हिस्सों में मध्यम से भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है. यह भी पढ़े: कल का मौसम: लखनऊ, कानपुर और आगरा समेत पूरे यूपी में 20 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने दी चेतावनी
इसके साथ ही, राजधानी पटना, गया, बेगूसराय, जहानाबाद और नालंदा सहित दक्षिण-मध्य और उत्तर-मध्य बिहार के कई जिलों में बादलों की गरज के साथ बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है.
तापमान में गिरावट से उमस से मिलेगी राहत
पिछले कुछ दिनों से बिहार के कई इलाकों में धूप निकलने के कारण उमस बढ़ गई थी, जिसने आम जनता को परेशान किया था. हालांकि, पिछले 24 घंटों में हुई वर्षा और कल (20 जुलाई) होने वाली संभावित भारी बारिश के चलते राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है. 20 जुलाई को अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 30°C से 32°C के बीच रहने का अनुमान है, जिससे मौसम सुहाना हो जाएगा.
चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) का प्रभाव
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तरी बिहार से लेकर बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम हिस्से तक एक निम्न दबाव की रेखा (Trough Line) बनी हुई है. इसके साथ ही झारखंड और उससे सटे बिहार के इलाकों में हवा का एक ऊपरी चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) सक्रिय है. इसी मौसमी सिस्टम के कारण पूरे राज्य में नमी युक्त हवाएं आ रही हैं, जो भारी बारिश का कारण बन रही हैं.
आपदा प्रबंधन विभाग की गाइडलाइन
विशेष सावधानी: मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग ने विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों और किसानों के लिए चेतावनी जारी की है. वज्रपात (ठनका) के बढ़ते खतरों को देखते हुए किसानों को खेतों में जाने से बचने की सलाह दी गई है. इसके अलावा आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे खराब मौसम के दौरान बड़े पेड़ों, बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें और सुरक्षित पक्के मकानों में रहें.













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