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Karnataka Shocker: कर्नाटक के हुबली में नाबालिग से यौन उत्पीड़न के बाद दोबारा गर्भवती होने का मामला; माता-पिता और डॉक्टरों पर भी FIR दर्ज

कर्नाटक के हुबली शहर में एक नाबालिग लड़की के साथ बार-बार यौन उत्पीड़न और उसके दोबारा गर्भवती होने का एक अत्यंत संवेदनशील मामला सामने आया है. इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी के अलावा पीड़िता के माता-पिता और दो निजी डॉक्टरों के खिलाफ भी प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है.

Karnataka Shocker: कर्नाटक के हुबली में नाबालिग से यौन उत्पीड़न के बाद दोबारा गर्भवती होने का मामला; माता-पिता और डॉक्टरों पर भी FIR दर्ज

Karnataka Shocker:  कर्नाटक के हुबली शहर में एक नाबालिग लड़की के साथ बार-बार यौन उत्पीड़न और उसके दोबारा गर्भवती होने का एक अत्यंत संवेदनशील मामला सामने आया है. इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी के अलावा पीड़िता के माता-पिता और दो निजी डॉक्टरों के खिलाफ भी प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है. धारवाड़ जिला बाल संरक्षण इकाई (Dharwad District Child Protection Unit) की शिकायत के बाद पुलिस ने यह कदम उठाया है. आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), पोक्सो (POCSO) अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

बार-बार उत्पीड़न और नवजात को बेचने का संदेह

पुलिस जांच और शिकायत के अनुसार, नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर वर्ष 2025 में कई बार यौन उत्पीड़न का शिकार बनाया गया, जिसके कारण वह गर्भवती हो गई थी. आरोप है कि उसके माता-पिता ने कानूनी रूप से अनिवार्य होने के बावजूद इस गर्भावस्था की बात छिपाई और अधिकारियों को सूचित नहीं किया.  यह भी पढ़े: Mumbai Shocker: मुंबई में युवक की शर्मनाक करतूत, 19 वर्षीय युवती को व्हाट्सऐप पर अश्लील वीडियो भेजकर यौन उत्पीड़न का आरोप, पुलिस ने किया गिरफ्तार; VIDEO

बच्चे के जन्म के बाद, माता-पिता ने कथित तौर पर उस नवजात को किसी अन्य परिवार को सौंप दिया. जांच एजेंसियां ​​अब इस पहलू की गंभीरता से जांच कर रही हैं कि कहीं बच्चे को बेचा तो नहीं गया था. शिकायत में यह भी सामने आया है कि पीड़िता वर्तमान में एक बार फिर गर्भवती हो गई है, जिसके बाद बाल संरक्षण टीम हरकत में आई.

एफआईआर में माता-पिता और डॉक्टरों के नाम

इस मामले में कानून का उल्लंघन करने के आरोप में पीड़िता के माता-पिता को भी नामजद किया गया है, क्योंकि उन्होंने बेटी के नाबालिग होने की जानकारी होने के बावजूद प्रशासन को इस अपराध की सूचना नहीं दी.

इसके साथ ही, दो निजी डॉक्टरों को भी मामले में सह-आरोपी बनाया गया है. डॉक्टरों पर आरोप है कि उन्होंने अनिवार्य कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किए बिना नाबालिग का इलाज किया और पोक्सो अधिनियम के नियमों के तहत पुलिस या संबंधित बाल संरक्षण विभाग को इसकी रिपोर्ट नहीं सौंपी.

बाल संरक्षण अधिकारी का बयान

धारवाड़ जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी प्रकाश कोदलीवाड़ा ने इस कार्रवाई के संबंध में बताया, "हमने नाबालिग होने की जानकारी छिपाने के आरोप में माता-पिता के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. इसके अलावा, संबंधित अधिकारियों को सूचित किए बिना एक नाबालिग का इलाज करने के लिए अस्पताल के डॉक्टरों के खिलाफ भी शिकायत दर्ज की गई है. हमें लड़की से जानकारी मिली है कि उसने पहला बच्चा किसी को दे दिया था. हमें संदेह है कि बच्चे को बेचा गया है, जो पुलिस जांच में पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगा."

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विस्तृत जांच जारी है. नवजात शिशु से जुड़े घटनाक्रमों की पुष्टि करने और इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. सुरक्षा और गोपनीयता के कारणों से पुलिस ने अभी अधिक विवरण साझा नहीं किया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 19, 2026 03:35 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).