Twisha Sharma Death Case: ट्विशा शर्मा की मौत आत्महत्या; एम्स मेडिकल बोर्ड ने दूसरी ऑटोप्सी रिपोर्ट में शारीरिक हमले की आशंका को नकारा
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने अपनी अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला है कि 33 वर्षीय पूर्व मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की मौत आत्महत्या के कारण हुई थी. रिपोर्ट में उनके शरीर पर किसी भी तरह के शारीरिक हमले या संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं. इस बीच सीबीआई ने पति और पूर्व जज सास के खिलाफ 636 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी है.
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भोपाल/नई दिल्ली: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (All India Institute of Medical Sciences) (AIIMS) दिल्ली के पांच सदस्यीय विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (Madhya Pradesh High Court) के निर्देश पर की गई दूसरी ऑटोप्सी के बाद अपनी अंतिम फॉरेंसिक राय केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (Central Bureau of Investigation) (CBI) को सौंप दी है. मेडिकल बोर्ड के अनुसार, पूर्व अभिनेत्री और मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत आत्महत्या (Suicide) से हुई थी और उनके शरीर पर किसी भी प्रकार के शारीरिक हमले या हाथापाई के कोई निशान नहीं पाए गए हैं.
33 वर्षीय ट्विशा शर्मा 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपनी ससुराल में मृत पाई गई थीं. इस मामले में ट्विशा के मायके पक्ष ने दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा और हत्या का आरोप लगाया था, जबकि ससुराल पक्ष इसे शुरू से ही आत्महत्या बता रहा था. यह भी पढ़ें: Twisha Sharma Death Case: सीबीआई की FIR में बड़ा खुलासा, 'विदाई' के वक्त पूर्व जज सास गिरीबाला सिंह ने मांगे थे 2 लाख रुपये
हाई कोर्ट के आदेश पर गठित हुआ था AIIMS मेडिकल बोर्ड
भोपाल में हुए पहले पोस्टमार्टम को लेकर मायके पक्ष द्वारा गंभीर सवाल खड़े किए जाने के बाद, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश पर एम्स दिल्ली के फॉरेंसिक विशेषज्ञों का एक विशेष बोर्ड गठित किया गया था.
एम्स के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता के नेतृत्व में मेडिकल बोर्ड ने 24 मई को दोबारा पोस्टमार्टम किया और जांच के हिस्से के रूप में भोपाल स्थित घटनास्थल का दौरा भी किया. 11 पन्नों की इस फॉरेंसिक रिपोर्ट में सभी वैज्ञानिक और चिकित्सकीय पहलुओं की विस्तृत समीक्षा करने के बाद यह स्पष्ट किया गया कि मौत का कारण फांसी लगाने से हुआ दम घुटना ही था.
जिम्नास्टिक बेल्ट से जुड़ा विवाद हुआ हल
फॉरेंसिक रिपोर्ट ने मामले से जुड़े एक प्रमुख तकनीकी विवाद को भी स्पष्ट रूप से हल कर दिया है. जांच में यह सवाल उठ रहा था कि क्या धातु के छल्ले (Metal Ring) वाली जिम्नास्टिक बेल्ट का इस्तेमाल फंदे के रूप में किया गया था और क्या उससे गर्दन पर बने निशान मेल खाते हैं.
लैब और हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच में पुष्टि हुई कि बेल्ट पर त्वचा के ऊतक (Skin Tissues) मौजूद थे और उस पर लगे निशान ट्विशा के गले की चोटों के पैटर्न से पूरी तरह मेल खाते हैं.
एम्स के फोरेंसिक बोर्ड ने दूसरी ऑटोप्सी के बाद निष्कर्ष निकाला कि ट्विशा शर्मा की मौत आत्महत्या से हुई
A five-member AIIMS medical board has submitted its final forensic opinion to the CBI in a sealed cover in the Twisha Sharma death case. The 11-page report, submitted on July 10, states that Twisha died by suicide and found no medically significant injuries suggesting physical…
— ANI (@ANI) August 17, 2026
पति और पूर्व जिला जज सास के खिलाफ CBI की चार्जशीट दाखिल
फॉरेंसिक रिपोर्ट में हत्या और शारीरिक हमले के साक्ष्य खारिज होने के बावजूद कानूनी शिकंजा कम नहीं हुआ है. सीबीआई ने भोपाल की विशेष अदालत में 636 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है.
सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में ट्विशा के पति समर्थ सिंह (अधिवक्ता) और सास गिरिबाला सिंह (सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश) को मुख्य आरोपी बनाया है. दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2) [दहेज हत्या], धारा 85 [क्रूरता], धारा 108 [आत्महत्या के लिए उकसाना] और दहेज निषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आरोप तय किए गए हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 17, 2026 07:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

