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Muzaffarpur Rape Case: कांग्रेस और जन सुराज पार्टी ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन, सख्त कार्रवाई की मांग

बिहार के मुजफ्फरपुर में नाबालिग से दुष्कर्म और इलाज के दौरान पटना में हुई मौत के मामले को लेकर कांग्रेस और जन सुराज पार्टी बुधवार को राजभवन पहुंची. दोनों दलों ने इस पूरे मामले में राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की है. बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने 11 सदस्यीय शिष्टमंडल के साथ राजभवन में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात की है और एक ज्ञापन सौंपा.

Muzaffarpur Rape Case: कांग्रेस और जन सुराज पार्टी ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन, सख्त कार्रवाई की मांग

पटना, 4 जून : बिहार के मुजफ्फरपुर में नाबालिग से दुष्कर्म और इलाज के दौरान पटना में हुई मौत के मामले को लेकर कांग्रेस और जन सुराज पार्टी बुधवार को राजभवन पहुंची. दोनों दलों ने इस पूरे मामले में राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की है. बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने 11 सदस्यीय शिष्टमंडल के साथ राजभवन में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात की है और एक ज्ञापन सौंपा.

इस बीच, जन सुराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती के नेतृत्व में राजभवन पहुंचे और ज्ञापन सौंपा. राजभवन से निकलने के बाद पत्रकारों से बातचीत में मनोज भारती ने बताया कि पार्टी का प्रतिनिधिमंडल चार मांगों को लेकर राज्यपाल से मिला. राज्यपाल ने उनकी बातों को ध्यान से सुना और सरकार तक उनकी बात पहुंचाने का आश्वासन दिया. अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा कि इस पूरी घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को अपने मंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए और पूरे मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि आज समाज में असंवेदनशीलता नजर आ रही है. मुजफ्फरपुर में बच्ची के दुष्कर्म मामले में न पुलिस संवेदनशील नजर आई, न स्वास्थ्य विभाग और न ही सरकार. यह भी पढ़ें : शाहदरा संपत्ति विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली गुरुद्वारे पर वक्फ बोर्ड का दावा खारिज किया

इधर, कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से पूरे मामले में हस्तक्षेप की मांग की है. जिस बच्ची की मौत हुई है, उसकी मां विधवा है. मां को आर्थिक सहायता के साथ सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए. ज्ञापन में पीड़ित बच्ची की मृत्यु के कारणों और पीएमसीएच में इलाज में हुई कथित लापरवाही की निष्पक्ष और समयबद्ध उच्च स्तरीय जांच का आदेश देने की मांग की गई है, ताकि दोषियों को दंडित किया जा सके. इसके अलावा राज्य के सरकारी अस्पतालों, विशेषकर पीएमसीएच जैसी प्रमुख संस्थाओं में, आपातकालीन और गंभीर मामलों के लिए चिकित्सा सुविधाओं और कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है.

बता दें कि मुजफ्फरपुर में दुष्कर्म के बाद जीवन के लिए संघर्ष कर रही एक मासूम बच्ची की रविवार को एक सरकारी अस्पताल में मौत हो गई. एक अधिकारी ने बताया कि नाबालिग के साथ 26 मई को मुजफ्फरपुर स्थित उसके गांव में दुष्कर्म किया गया था, जिसके बाद शनिवार को गंभीर हालत में पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) लाया गया, जहां उसकी मौत हो गई थी.

इस मामले में दो दिन बाद श्रीकृष्ण चिकित्सा महाविद्यालय (एसकेएमसीएच), मुजफ्फरपुर की अधीक्षक डॉ. विभा कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया, जबकि कर्तव्यहीनता बरतने के कारण पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच), पटना के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. अभिजीत सिंह को पद-मुक्त कर दिया गया है. इस मामले को लेकर विपक्ष हमलावर है और सरकार को घेर रही है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 04, 2025 04:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).