Bihar Assembly Election 2020: बिहार के गया में ग्रामीणों की मांग पर 30 साल से प्रशासन ने नहीं दिया ध्यान, गावंवाले खुद करने लगे लंबित पुल का निर्माण
बिहार में इसी साल विधानसभा के चुनाव होने हैं. यही कारण है कि सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी तरफ से वोटरों को लुभाने की हर कोशिश कर रहे हैं. सूबे में प्रमुख मुकाबला जेडीयू-बीजेपी गठबंधन बनाम आरजेडी-कांग्रेस के बीच है. बिहार में बाढ़ के चलते बहुत नुकसान पहले ही हुआ है. इसी बीच प्रशासन की अनदेखी का बहुत बड़ा मामला सामने आया है. राज्य के गया स्थित बुधौल गांव में पिछले 30 साल से एक पुल बनाने की मांग हो रही थी .
पटना, 17 सितंबर. बिहार में इसी साल विधानसभा (Bihar Assembly Election 2020) के चुनाव होने हैं. यही कारण है कि सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी तरफ से वोटरों को लुभाने की हर कोशिश कर रहे हैं. सूबे में प्रमुख मुकाबला जेडीयू-बीजेपी गठबंधन बनाम आरजेडी-कांग्रेस के बीच है. बिहार में बाढ़ के चलते बहुत नुकसान पहले ही हुआ है. इसी बीच प्रशासन की अनदेखी का बहुत बड़ा मामला सामने आया है. राज्य के गया स्थित बुधौल गांव में पिछले 30 साल से एक पुल बनाने की मांग हो रही थी. बावजूद इसके सरकार और प्रशासन की तरफ से इन मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार ग्रामीणों की मांग की अनदेखी होती रही. जिसके चलते ग्रामीणों ने खुद ही पुल निर्माण का काम शुरू कर दिया. बुधौल में पुल बनाने का काम लगातार जारी है. दरअसल ग्रामीणों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. यह भी पढ़ें-Bihar Assembly Election 2020: तेजस्वी यादव के रविशंकर प्रसाद के 6 साल पुराने वादे को दिलाया याद, कहा-नीतीश और बीजेपी ने मिलकर बिहार के युवाओं को ठगने का किया काम
Bihar: Villagers of Budhaul in Gaya have started construction of a bridge in their village that was pending for almost 30 years. A local says, "We have been demanding the construction of this bridge but govt didn't fulfil it. So the villagers decided to construct it themselves." pic.twitter.com/mfWAkMQFhv
— ANI (@ANI) September 17, 2020
वहीं ग्रामीणों का कहना है कि इस पुल के निर्माण की मांग 30 वर्षों से होती रही है लेकिन प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया. गांव वालों का कहना है कि नदी में जब पानी कम होता है तो इसे पैदल ही लोग पार करते हैं. लेकिन पानी का भराव अधिक होने पर गांव में पहुंचने के लिए छह किलोमीटर की दुरी गांव पहुंचने में लगती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 17, 2020 09:28 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

