त्योहार

Holi 2025 Wishes in Sanskrit: रंगोत्सवस्य शुभाशया: रंगों के पर्व होली की संस्कृत के इन शानदार WhatsApp Messages, Quotes, Facebook Greetings के जरिए दें बधाई

होली के दिन लोग एक-दूसरे को रंग-गुलाल और अबीर लगाकर होली खेलते हैं, फिर एक-दूसरे से गले मिलकर होली की बधाई देते हैं. इस दिन मतवालों की टोली नाचते-गाते और लजीज पकवानों का लुत्फ उठाते हुए होली का आनंद उठाती है. ऐसे में इस अवसर पर आप संस्कृत के इन शानदार विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए अपनों को रंगोत्सवस्य शुभाशया: कहकर बधाई दे सकते हैं.

Holi 2025 Wishes in Sanskrit: रंगोत्सवस्य शुभाशया: रंगों के पर्व होली की संस्कृत के इन शानदार WhatsApp Messages, Quotes, Facebook Greetings के जरिए दें बधाई
होली 2025 (Photo Credits: File Image)

Holi 2025 Wishes in Sanskrit: हिंदू पंचांग के अनुसार, रंगों के त्योहार होली (Holi) को चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि को धूमधाम से मनाया जाता है, जिसे धुलिवंदन, धुलेटी और धुलेंडी जैसे नामों से भी जाना जाता है. अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार, इस साल रंगों वाली होली का त्योहार 14 मार्च 2025 को मनाया जाएगा, जबकि होली से ठीक एक दिन पहले यानी 13 मार्च को होलिका दहन (Holika Dahan) किया जाएगा, जिसे छोटी होली (Chhoti Holi) के नाम से भी जाना जाता है. होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है, जिसे देश के विभिन्न हिस्सों में लोग अपनी स्थानीय परंपराओं और मान्यताओं के हिसाब से सेलिब्रेट करते हैं. उसके अगले दिन लोग रंग-गुलाल लगाकर होली का त्योहार मनाते हैं और भांग की ठंडाई, गुझिया का जमकर लुत्फ उठाया जाता है.

होली के दिन लोग एक-दूसरे को रंग-गुलाल और अबीर लगाकर होली खेलते हैं, फिर एक-दूसरे से गले मिलकर होली की बधाई देते हैं. इस दिन मतवालों की टोली नाचते-गाते और लजीज पकवानों का लुत्फ उठाते हुए होली का आनंद उठाती है. ऐसे में इस अवसर पर आप संस्कृत के इन शानदार विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए अपनों को रंगोत्सवस्य शुभाशया: कहकर बधाई दे सकते हैं.

1- आशासे त्वज्जीवने रंगोत्सवम् अत्युत्तमं शुभप्रदं स्वप्नसाकारकृत् कामधुग्भवतु।
भावार्थः मुझे उम्मीद है कि रंगों का त्योहार आपके जीवन का सबसे अच्छा पर्व होगा. आपके सभी सपने सच हों और आपकी सभी आशाएं पूरी हों.

होली 2025 (Photo Credits: File Image)

2- सूर्य संवेदना पुष्पे, दीप्ति कारुण्यगंधने।
लब्ध्वा शुभं होलिकापर्वेऽस्मिन कुर्यात्सर्वस्य मंगलम्‌।।
भावार्थः जिस तरह सूर्य प्रकाश देता है, संवेदवा करुणा को जन्म देती है, पुष्प सदैव महकता रहता है,
उसी तरह आने वाला यह होली का पर्व आपके लिए हर दिन, हर पल के लिए मंगलमय हो.

होली 2025 (Photo Credits: File Image)

3- आशासे यत् होलिकापर्व भवतु मङ्गलकरम् अद्भुतकरञ्च।
जीवनस्य सकलकामनासिद्धिरस्तु।
भावार्थः मुझे उम्मीद है कि होली का पर्व आपके लिए एक सुखद आश्चर्य लेकर आएगा.
आप जीवन में जो कुछ भी चाहते हैं, वह आपको मिले.

होली 2025 (Photo Credits: File Image)

4- भवज्जीवनं रड्गैः आल्हादमयं भवेदिति कामना।
भावार्थः कामना है कि आपका जीवन आनंद के रंगों से भरा रहे.

होली 2025 (Photo Credits: File Image)

5- अवतु प्रीणातु च त्वां भक्तवत्सलः ईश्वरः।
होलिका पर्व शुभकामनाः
भावार्थः भगवान आपकी सुरक्षा करें और आप पर कृपा बनाएं रखे. होली पर्व की शुभकामना.

होली 2025 (Photo Credits: File Image)

गौरतलब है कि होली के त्योहार को देशभर में अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है. मध्य प्रदेश के मालवा अंचल में होली के पांचवें दिन रंग पंचमी मनाई जाती है, जो मुख्य होली से भी अधिक जोर शोर से खेली जाती है. ब्रज क्षेत्र में होली की धूम देखते ही बनती है, जबकि बरसाना की लठमार होली विश्व प्रसिद्ध है. मथुरा और वृंदावन होली के त्योहार को करीब 15 दिनों तक मनाया जाता है, उधर महाराष्ट्र में रंग पंचमी के दिन सूखे गुलाल से होली खेलने की परंपरा है. दक्षिण गुजरात में रहने वाले आदिवासियों के लिए होली सबसे बड़ा पर्व है.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 13, 2025 11:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).