मुंबई: महाराष्ट्र (Maharashtra) में आगामी होली (Holi) के त्योहार और अन्य महत्वपूर्ण राष्ट्रीय व धार्मिक अवसरों पर 'ड्राई डे' (Dry Day) को लेकर सोशल मीडिया (Social Media) पर चल रही खबरें निराधार साबित हुई हैं. राज्य आबकारी आयुक्त (Maharashtra Excise Commissioner) राजेश देशमुख (Rajesh Deshmukh) ने मंगलवार को उन रिपोर्टों को 'फेक न्यूज' करार दिया, जिनमें दावा किया गया था कि सरकार ने शराब बिक्री पर अनिवार्य प्रतिबंध हटा लिया है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि महाराष्ट्र निषेध अधिनियम (Maharashtra Prohibition Act) के तहत शराब नीति में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
सोशल मीडिया पर क्या था दावा?
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ऐसी खबरें वायरल हो रही थीं कि महाराष्ट्र सरकार ने अवैध शराब की बिक्री रोकने और राजस्व बढ़ाने के लिए गणतंत्र दिवस, गांधी जयंती और होली जैसे दिनों पर शराब की बिक्री की अनुमति दे दी है. इन पोस्ट्स में तर्क दिया गया था कि ड्राई डे खत्म होने से सरकार की कमाई बढ़ेगी. हालांकि, आयुक्त देशमुख ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि राज्य में 8 अनिवार्य ड्राई डे का सख्ती से पालन जारी रहेगा.
महाराष्ट्र में 2026 के अनिवार्य 'ड्राई डे'
अधिनियम के तहत, महाराष्ट्र में निम्नलिखित आठ दिनों पर शराब की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध रहता है:
- गणतंत्र दिवस
- शहीद दिवस
- महाराष्ट्र दिवस
- आषाढ़ी एकादशी
- स्वतंत्रता दिवस
- अनंत चतुर्दशी
- गांधी जयंती
- कार्तिकी एकादशी
इसके अलावा, 'धारा 142' के तहत जिला कलेक्टरों के पास यह अधिकार सुरक्षित है कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक होने पर अतिरिक्त ड्राई डे घोषित कर सकते हैं.
होली 2026 और शराब बिक्री नियम
साल 2026 में, होली का मुख्य त्योहार 4 मार्च को मनाया जाएगा, जबकि होलिका दहन 3 मार्च को होगा. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि होली और महाशिवरात्रि जैसे प्रमुख त्योहारों पर शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई क्षेत्रों में शराब की दुकानें बंद रखी जाएंगी.
प्रशासन की अपील: भ्रामक खबरों से बचें
आबकारी विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे असत्यापित खबरों और सोशल मीडिया के दावों पर विश्वास न करें. विभाग ने जोर देकर कहा कि शराब की बिक्री और नियमों के संबंध में केवल आधिकारिक सूचनाओं और सरकारी अधिसूचनाओं पर ही भरोसा किया जाना चाहिए. नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों और विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.












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