8th Pay Commission News: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन संशोधन को लेकर गठित 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) के समक्ष कर्मचारी संगठनों ने अपनी प्रमुख मांगें रखनी शुरू कर दी हैं. नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की स्टाफ साइड ने वेतन आयोग को एक आधिकारिक ज्ञापन सौंपा है. इस ज्ञापन में मौजूदा वेतन संरचना में बड़े बदलाव करने की सिफारिश की गई है. परिषद ने मौजूदा पे-मैट्रिक्स के कई स्तरों (Pay Levels) को आपस में मिलाने और 3.833 का एक समान फिटमेंट फैक्टर लागू करने का प्रस्ताव दिया है. यदि इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया जाता है, तो केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम शुरुआती मूल वेतन (Basic Salary) बढ़कर 69,000 रुपये प्रति माह हो जाएगा.
Pay Levelsको घटाकर सुव्यवस्थित करने का प्रस्ताव
NC-JCM द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में सबसे बड़ा ढांचागत बदलाव मौजूदा 17 पे-लेवल को घटाकर एक सुव्यवस्थित बैंड में बदलने का है. स्टाफ साइड ने तर्क दिया है कि कई ऐसे पद और स्तर हैं जिनके कामकाज और जिम्मेदारियों में दोहराव होता है. इस प्रशासनिक विसंगति को दूर करने के लिए आपस में जुड़े कुछ पे-ग्रेड्स को मर्ज करने की मांग की गई है.
प्रस्तावित पुनर्गठन के तहत निम्नलिखित स्तरों को मिलाने की सिफारिश की गई है:
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लेवल 2 और 3: इन दोनों श्रेणियों को मिलाकर एक संयुक्त स्केल बनाया जाए, जिसे लेवल 3 का नाम दिया जाएगा.
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लेवल 4 और 5: इन दोनों स्तरों को मिलाकर एक एकल पे-स्केल बनाया जाए, जिसे लेवल 5 माना जाएगा.
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लेवल 7 और 8: इन दोनों प्रशासनिक खंडों को मिलाकर लेवल 8 के तहत एकीकृत किया जाएगा.
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लेवल 9 und 10: इन दोनों स्तरों का विलय कर इन्हें एक समान लेवल 10 के दायरे में लाया जाएगा.
इसके अतिरिक्त, परिषद ने एकमुश्त सुधारात्मक उपाय के रूप में मौजूदा लेवल 5 को स्थायी रूप से लेवल 6 में विलय करने का भी अनुरोध किया है. वहीं, उच्च-स्तरीय प्रबंधकीय श्रेणियों (वर्तमान लेवल 11 से 17) को बरकरार रखा जाएगा, लेकिन संशोधित फिटमेंट फैक्टर के आधार पर उनकी री-नंबरिंग की जाएगी.
वेतन पर संभावित असर और नया पे-मैट्रिक्स
यदि आयोग द्वारा 3.833 का प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर स्वीकार कर लिया जाता है, तो नए कॉन्फ़िगरेशन के तहत न्यूनतम मूल वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. प्रस्तावित बदलावों के आधार पर संभावित वेतन संरचना इस प्रकार हो सकती है:
मूल्यांकन प्रक्रिया और अगले कदम
यहां यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये आंकड़े केवल विभिन्न कर्मचारी संगठनों और हितधारकों द्वारा दी गई सिफारिशें हैं. इन्हें अभी 8वें केंद्रीय वेतन आयोग या केंद्र सरकार द्वारा मंजूरी नहीं दी गई है. वेतन आयोग वर्तमान में अपने शुरुआती परामर्श चरण में है. आयोग विभिन्न मान्यता प्राप्त कर्मचारी यूनियनों, रक्षा संघों और पेंशनभोगी कल्याण निकायों से सुझाव, सूत्र और ज्ञापन प्राप्त कर रहा है. इसके लिए आयोग ने ऑनलाइन माध्यम से ज्ञापन सौंपने की समय सीमा को बढ़ाकर 31 मई 2026 कर दिया है.
इसके साथ ही, वेतन आयोग जमीनी हकीकत और काम करने की स्थितियों का जायजा लेने के लिए विभिन्न शहरों का दौरा भी कर रहा है. इसी सिलसिले में आयोग 18 और 19 मई 2026 को हैदराबाद का दौरा कर रहा है, जहां विभिन्न हितधारकों के साथ सीधा संवाद किया जाएगा.
संशोधित पे-मैट्रिक्स और आधिकारिक फिटमेंट फैक्टर पर अंतिम निर्णय तभी होगा, जब आयोग अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर केंद्रीय कैबिनेट को सौंपेगा. प्रशासनिक विश्लेषकों का मानना है कि इस पूरी मूल्यांकन प्रक्रिया को पूरा होने और अंतिम निर्णय आने में अभी कई महीनों का समय लग सकता है.













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