Varanasi News: वाराणसी नगर निगम का बड़ा फैसला, काशी की सांस्कृतिक छवि बनाए रखने के लिए 6 महीने में शहर से बाहर शिफ्ट होंगी मांस-मछली की दुकानें
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Varanasi Meat-Fish Shops News: आध्यात्मिक नगरी काशी की सांस्कृतिक महिमा और पवित्रता को बनाए रखने के लिए वाराणसी नगर निगम ने एक बड़ा कदम उठाया है. शहर के भीतर संचालित होने वाली मांस और मछली की हजारों दुकानों को अगले छह महीनों के भीतर शहरी सीमा से बाहर स्थानांतरित कर दिया जाएगा. रविवार को नगर निगम की कार्यकारिणी समिति ने इस संबंध में लाए गए एक विशेष प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है.

इस ऐतिहासिक फैसले के तहत इन सभी दुकानों को शहर के बाहरी इलाकों में पहले से चिह्नित की गई जगहों पर शिफ्ट किया जाएगा. अधिकारियों के अनुसार, इस कदम से न केवल पवित्र शहर की छवि सुधरेगी, बल्कि नगर निगम को स्वच्छता बनाए रखने और शहरी अपशिष्ट प्रबंधन (वेस्ट मैनेजमेंट) को बेहतर करने में भी बड़ी मदद मिलेगी.  यह भी पढ़े: Non-veg Ban: शारदीय नवरात्र पर मैहर में मांस-मछली की बिक्री पर बैन, प्रशासन ने जारी किया आदेश; पकड़े जानें पर होगी कार्रवाई

इन 5 बाहरी इलाकों में दी जाएगी जगह

नगर निगम के अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, शहर के भीतर खुले में मांस और मछली की बिक्री होने से जहां एक तरफ धार्मिक पर्यटन प्रभावित होता है, वहीं दूसरी तरफ सार्वजनिक स्वच्छता बनाए रखने में भी दिक्कतें आती हैं. इस समस्या के समाधान के लिए शहर को पांच जोन में बांटा जाएगा.

सभी दुकानों को शहर की सीमा से बाहर स्थित पांच प्रमुख स्थानों- रामनगर, डुमरी, शिवपुर और छितईपुर समेत अन्य चिह्नित क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जाएगा. नए चिन्हित किए गए बाजारों में दुकानदारों के लिए बिजली, पानी, साफ-सफाई और अन्य सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. नए स्थानों पर अधिकृत दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया भी जल्द ही शुरू कर दी जाएगी.

अवैध दुकानों पर लगेगी लगाम

वाराणसी के मेयर अशोक कुमार तिवारी ने इस प्रस्ताव का पुरजोर समर्थन करते हुए इसे "समय की मांग" बताया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में शहर के भीतर चल रही मांस और मछली की अधिकांश दुकानें अवैध, अनाधिकृत और अपंजीकृत (अनरजिस्टर्ड) हैं.

मेयर ने कहा, "हम इन दुकानों को नियमित (रेगुलराइज) करने जा रहे हैं. हम उन्हें बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाओं के साथ बेहतर दुकान परिसर प्रदान करेंगे. हम यह भी सुनिश्चित करेंगे कि वहां उचित अपशिष्ट प्रबंधन हो ताकि कहीं भी कचरा जमा न हो."

रोजगार बंद नहीं कर रहे

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस कदम का उद्देश्य किसी का रोजगार छीनना या दुकानों को पूरी तरह बंद करना नहीं है. मेयर अशोक कुमार तिवारी ने कहा, "काशी एक धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी है. यहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं, वे यहां मांस-मछली की दुकानें देखने नहीं आते. हम किसी का काम बंद नहीं कर रहे हैं, बल्कि उन्हें शहर की सीमा से बाहर एक उपयुक्त और व्यवस्थित माहौल दे रहे हैं ताकि सभी दुकानें एक ही जगह पर सुचारू रूप से चल सकें."

कार्यकारिणी समिति से प्रस्ताव पास होने के बाद, अब नगर निगम प्रशासन ने बाहरी क्षेत्रों में पांच विशिष्ट स्थानों की पहचान करने और वहां बुनियादी ढांचा तैयार करने की जमीनी कवायद तेज कर दी है. इस कदम से आने वाले समय में वाराणसी की सड़कों पर स्वच्छता का स्तर सुधरने और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.