Lawrence Bishnoi Gang: लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने पुर्तगाल में भारतीय नागरिकों पर हुई गोलीबारी की जिम्मेदारी ली, सोशल मीडिया पर दी चेतावनी
Bishnoi

Lawrence Bishnoi Gang:  भारत के कुख्यात आपराधिक सिंडिकेट लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का नेटवर्क अब यूरोपीय देशों तक फैल चुका है. गिरोह ने पुर्तगाल में रह रहे भारतीय नागरिकों को निशाना बनाकर की गई हालिया गोलीबारी की दो अलग-अलग घटनाओं की जिम्मेदारी ली है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक पोस्ट के जरिए इस सिंडिकेट ने पीड़ितों को खुली चेतावनी दी है. गिरोह का कहना है कि यदि उनकी रंगदारी (Extortion) से जुड़ी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो आने वाले समय में और अधिक हिंसक हमले किए जाएंगे.

इस घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. इसे घरेलू आपराधिक गिरोहों द्वारा विदेशों में रह रहे भारतीय प्रवासियों को डराने और उनसे पैसे वसूलने के एक बड़े नेटवर्क के रूप में देखा जा रहा है.  यह भी पढ़े:  Modi Govt Big Action On Lawrence Bishnoi Gang: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ मोदी सरकार का बड़ा एक्शन, राजस्थान और हरियाणा में ED की छापेमारी

सोशल मीडिया पोस्ट से हुआ खुलासा

पुर्तगाल में हुई इन वारदातों की जिम्मेदारी खुद को सुनील मीणा गैंग से जुड़ा बताने वाले राहुल आरके मीणा नाम के गुर्गे ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ली है. इस पोस्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि पुर्तगाल के विला नोवा डी मिलफोंटेस (Vila Nova de Milfontes) इलाके में रहने वाले गुरप्रीत सिंह गिल के आवास पर हुआ हमला इसी सिंडिकेट ने कराया था.

इसके अलावा, पोस्ट में 6 मई 2026 को सिंट्रा (Sintra) शहर में गुरदीप सिंह नामक एक अन्य भारतीय नागरिक के घर पर हुई गोलीबारी का भी दावा किया गया है.

'यूरोप भागकर भी नहीं बच सकते' – गिरोह की धमकी

इस सिंडिकेट ने विदेश में रहने वाले अमीर भारतीयों के लिए एक सख्त और डराने वाला संदेश जारी किया है. पोस्ट में दावा किया गया है कि कोई भी व्यक्ति भारत छोड़कर यूरोप भागकर उनके प्रभाव और पहुंच से दूर नहीं जा सकता. इस धमकी भरे पोस्ट में राहुल दुबे गैंग और अमन साहू गैंग जैसे अन्य आपराधिक नेटवर्कों से जुड़े हैशटैग का भी इस्तेमाल किया गया है, जो एक संगठित और अंतरमहाद्वीपीय जबरन वसूली रैकेट की ओर इशारा करता है.

गिरोह ने अपने संदेश में साफ कहा है कि इस बार गोलियां सिर्फ संपत्तियों और घरों के बाहर डराने के लिए चलाई गई थीं, लेकिन मांगें पूरी न होने पर अगली बार सीधे पीड़ितों को निशाना बनाया जाएगा.

अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां हुईं सतर्क

पुर्तगाल की स्थानीय पुलिस और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले पर करीब से नजर रख रही हैं. सीमा पार से संचालित होने वाली इन आपराधिक गतिविधियों की जांच शुरू कर दी गई है. हालांकि, इस घटना ने यूरोप में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत के स्थानीय गैंगस्टरों की बदलती रणनीति का हिस्सा है. भारत में कड़े कानून और पुलिस कार्रवाई के कारण अब ये गिरोह विदेशों में रहने वाले हाई-वैल्यू टारगेट (सम्पन्न प्रवासियों) को डरा-धमकाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना दबदबा और फंडिंग बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं.