Uorfi Javed: '1 लाख रुपये लिए हैं तो साबित करो, अकाउंट डिलीट कर दूंगी'; CJP से पैसे लेने के आरोपों पर भड़कीं उर्फी जावेद
सोशल मीडिया इन्फ्लुएन्सर और अभिनेत्री उर्फी जावेद ने नीट पेपर लीक विवाद के दौरान 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके से 1 लाख रुपये लेकर छात्र आंदोलन का समर्थन करने के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है. उर्फी ने खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि कोई एक रुपया भी लेने का सबूत दे दे, तो वे अपना इंस्टाग्राम अकाउंट बंद कर देंगी.
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मुंबई: अपनी अनूठी फैशन शैली और बेबाक बयानों के लिए जानी जाने वाली अभिनेत्री और सोशल मीडिया पर्सनैलिटी उर्फी जावेद (Uorfi Javed) एक नए विवाद के केंद्र में आ गई हैं. हाल ही में सोशल मीडिया (Social Media) पर यह दावा किया गया कि उर्फी ने नीट (NEET) परीक्षा पेपर लीक मामले में छात्रों के आंदोलन और 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का समर्थन करने के लिए 1 लाख रुपये की राशि ली थी.
इन दावों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उर्फी जावेद ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर वीडियो जारी कर आरोपों को पूरी तरह से झूठा और मनगढ़ंत करार दिया है.
उर्फी जावेद की खुली चुनौती: 'एक रुपया साबित हुआ तो छोड़ दूंगी इंस्टाग्राम'
उर्फी जावेद ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज़ पर आरोपों वाले पोस्ट को री-शेयर करते हुए मजाकिया और तंजिया अंदाज में लिखा, "1 लाख?? 1 लाख!!" इसके बाद उन्होंने कई वीडियो क्लिप जारी कर कहा कि किसी भी सामाजिक मुद्दे या विरोध प्रदर्शन का समर्थन करने के लिए उन्होंने कभी कोई वित्तीय लाभ नहीं लिया है.
उर्फी ने आरोप लगाने वालों और मीडिया को खुली चुनौती देते हुए कहा:
"अगर कोई यह साबित कर दे कि मैंने CJP या नीट विरोध प्रदर्शन का समर्थन करने के लिए एक भी रुपया लिया है, तो मैं अपना प्राथमिक इंस्टाग्राम अकाउंट हमेशा के लिए डीएक्टिवेट कर दूंगी, जो मेरी कमाई का मुख्य जरिया है."
उर्फी जावेद की इंस्टाग्राम स्टोरीज

Uorfi Javed has strongly denied the viral allegation that she accepted ₹1 lakh to support CJP. Calling out a report shared by Hindustan Times, she slammed the publication for spreading what she says is an unverified claim and challenged anyone to produce proof of any payment.… pic.twitter.com/WVbsCUZQ6p
— India Forums (@indiaforums) August 4, 2026
'1 लाख रुपये के लिए प्रोमोशनल पोस्ट नहीं करती'
अपनी व्यावसायिक दरों (Commercial Rates) का हवाला देते हुए उर्फी ने बताया कि सोशल मीडिया पर ब्रांडेड कंटेंट और रील्स के लिए उनके चार्ज 1 लाख रुपये से कहीं अधिक हैं. उन्होंने कहा कि जो लोग उन पर इतने कम पैसों में प्रमोशन करने का आरोप लगा रहे हैं, उन्हें पहले उनका रेट कार्ड देख लेना चाहिए.
उर्फी ने यह भी खुलासा किया कि नीट पेपर लीक मुद्दे पर छात्रों के समर्थन में आवाज उठाने के कारण उन्हें वित्तीय फायदा होने के बजाय नुकसान ही उठाना पड़ा है. उन्होंने दावा किया कि छात्रों के आंदोलन से जुड़ने के कारण कई कमर्शियल ब्रांड्स ने उनके साथ अपने पूर्व-निर्धारित करार और स्पॉन्सरशिप कैंसिल कर दिए.
क्या थे फैजान अंसारी के आरोप?
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया इन्फ्लुएन्सर फैजान अंसारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुंबई और दिल्ली में प्रदर्शन आयोजित करने और मशहूर हस्तियों का समर्थन जुटाने के लिए पैसे बांटे थे. फैजान ने आरोप लगाया था कि आंदोलन के पक्ष में बोलने के लिए उर्फी जावेद को 1 लाख रुपये और अन्य हस्तियों को अलग-अलग रकम दी गई थी.
इसके जवाब में उर्फी ने फैजान अंसारी की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह मीडिया का ध्यान आकर्षित करने के लिए अक्सर उनके खिलाफ अनर्गल और भ्रामक बातें फैलाता रहता है. बिना पुष्टि के ऐसी फर्जी खबरों को तूल देने पर उर्फी ने कुछ मीडिया आउटलेट्स के रवैये पर भी निराशा जताई.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 04, 2026 08:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

