Mumbai Water Cut Update: बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने मुख्य पाइपलाइनों और घरेलू नलों से इलेक्ट्रिक मोटर या सक्शन पंप के जरिए अवैध रूप से पानी खींचने वाले नागरिकों के खिलाफ सख्त कानूनी और आपराधिक कार्रवाई करने की चेतावनी जारी की है. यह कदम मुंबई में लागू की गई 10 प्रतिशत पानी की अनिवार्य कटौती के बीच उठाया गया है. बीएमसी ने साफ किया है कि इस तरह की अवैध गतिविधियों से आसपास के इलाकों में पानी का दबाव कम हो जाता है, जिससे अन्य नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है.
अवैध इलेक्ट्रिक पंपों के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान
एक प्रशासनिक समीक्षा बैठक के दौरान अतिरिक्त नगर आयुक्त अभिजीत बांगर ने नागरिक अधिकारियों को जमीनी स्तर पर निरीक्षण तेज करने और अवैध रूप से पानी निकालने वालों पर नकेल कसने के निर्देश दिए हैं. जांच में सामने आया है कि कई सोसायटियों और घरों में सार्वजनिक पाइपलाइनों से सीधे हाई-पावर इलेक्ट्रिक सक्शन पंप जोड़कर पानी खींचा जा रहा है.
अभिजीत बांगर ने कहा कि ये अवैध प्रयास जल वितरण प्रणाली पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं और इससे पाइपलाइनों में दूषित पानी (कंटामिनेशन) मिलने का खतरा भी बढ़ जाता है. फील्ड इंजीनियरों को अधिकृत किया गया है कि वे ऐसे उपकरणों को तुरंत जब्त करें, भारी जुर्माना लगाएं और बार-बार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराकर उनका पानी का कनेक्शन स्थायी रूप से काट दें.
झीलों में घटता जल स्तर और मौसम का प्रभाव
मुंबई में पानी की यह कटौती शहर को आपूर्ति करने वाली सात प्रमुख झीलों के जलग्रहण क्षेत्रों (कैचमेंट एरिया) में पानी के स्तर में आई भारी गिरावट के कारण लागू की गई है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमानों के अनुसार, अल नीनो (El Niño) और हिंद महासागर द्विध्रुव (IOD) के प्रभाव के कारण इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य से कम रहने की आशंका है.
बीएमसी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में शहर के सात प्राथमिक जलाशयों में कुल उपयोगी जल स्टॉक 3,40,399 मिलियन लीटर बचा है. यह मात्रा मुंबई की कुल वार्षिक आवश्यकता (14,47,363 मिलियन लीटर) का केवल 23.52 प्रतिशत है. प्रशासन का लक्ष्य इस बचे हुए स्टॉक को सुरक्षित रूप से अगस्त तक चलाना है. इस कटौती का असर ठाणे और भिवंडी-निजामपुर नगर निगमों सहित बीएमसी नेटवर्क पर निर्भर अन्य क्षेत्रों पर भी पड़ रहा है.
वार्ड स्तर पर माइक्रो-प्लानिंग और आपातकालीन रिजर्व
पानी की इस कमी से निपटने के लिए बीएमसी के हाइड्रोलिक्स इंजीनियरिंग विभाग को प्रत्येक वार्ड के स्तर पर माइक्रो-प्लानिंग करने के निर्देश दिए गए हैं. इंजीनियर्स विशेष रूप से उन ऊंचाई वाले क्षेत्रों और अंतिम छोर (टेल-एंड) के इलाकों की निगरानी कर रहे हैं, जहां अक्सर कम दबाव में पानी पहुंचता है.
आगामी महीनों में पानी के संकट को नियंत्रित करने के लिए बीएमसी राज्य सरकार द्वारा आवंटित आपातकालीन आरक्षित स्टॉक का उपयोग भी शुरू करेगी. इसमें भातसा बांध से अतिरिक्त 1,47,092 मिलियन लीटर और अपर वैतरणा बांध से 90,000 मिलियन लीटर पानी लिया जाना शामिल है.
बुनियादी ढांचा और नागरिकों से अपील
मुंबई की दैनिक मीठे पानी की आपूर्ति पूरी तरह से बारिश पर निर्भर है, जो मुंबई, ठाणे और नासिक जिलों में फैली सात प्रमुख झीलों (तुलसी, विहार, भातसा, मोदक सागर, तानसा, अपर वैतरणा और मिडिल वैतरणा) से आती है. तटीय क्षेत्र होने और भूजल में खारेपन के कारण शहर के पास पानी का कोई अन्य बड़ा विकल्प नहीं है.
नगर निकाय ने सभी हाउसिंग सोसायटियों और नागरिकों से अपील की है कि वे पानी के संरक्षण की आदतें अपनाएं, अपनी इमारतों की प्लंबिंग लाइनों में लीकेज की जांच करें और मानसून के आने तक पानी का अनावश्यक उपयोग पूरी तरह बंद रखें.













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