नई दिल्ली: पड़ोसी देशों पाकिस्तान (Pakistan) और अफगानिस्तान (Afghanistan) के बीच संबंध अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं. सीमा पर ताजा झड़पों और जवाबी कार्रवाई के बाद इस्लामाबाद ने तालिबान सरकार (Taliban-Led Government) के खिलाफ 'खुली जंग' (Open War) का ऐलान कर दिया है. शुक्रवार, 27 फरवरी 2026 को पाकिस्तानी वायुसेना ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल (Kabul) और रणनीतिक शहर कंधार (Kandahar) में कई हवाई हमले किए. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया पर इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि पाकिस्तान के 'धैर्य की सीमा अब समाप्त हो गई है.' यह भी पढ़ें: Khyber Pakhtunkhwa: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में बड़ा आतंकी हमला, कोहाट में DSP और इंस्पेक्टर समेत 7 की मौत; पुलिस वाहन को फूंका
काबुल और कंधार में भीषण धमाके
शुक्रवार सुबह काबुल में कम से कम तीन बड़े विस्फोटों की आवाज सुनी गई. यह हमला अफगान बलों द्वारा पाकिस्तानी सैनिकों पर किए गए सीमा पार हमले के कुछ ही घंटों बाद हुआ. तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने पुष्टि की है कि पाकिस्तान ने काबुल के अलावा कंधार और पक्तिया प्रांत को भी निशाना बनाया है. अफगान अधिकारियों के अनुसार, इस जमीनी हमले के दौरान उनके आठ सैनिक मारे गए हैं.
नंगरहार प्रांत के एक अधिकारी ने बताया कि तौरखम सीमा के पास एक शरणार्थी शिविर पर मोर्टार का गोला गिरने से सात नागरिक घायल हो गए हैं, जिनमें एक महिला की स्थिति गंभीर बनी हुई है.
'ऑपरेशन गजब-लिल-हक' (Operation Ghazab lil-Haq)
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने बताया कि काबुल, कंधार और पक्तिया में तालिबान के रक्षा ठिकानों पर 'ऑपरेशन गजब-लिल-हक' के तहत हमला किया गया है. पाकिस्तानी मीडिया का दावा है कि इस ऑपरेशन में काबुल में दो ब्रिगेड मुख्यालय और कंधार में एक कॉर्प्स मुख्यालय तथा गोला-बारूद के डिपो को नष्ट कर दिया गया है.
दूसरी ओर, इस्लामाबाद ने उन दावों को खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि तालिबान ने पाकिस्तानी सेना की चौकियों पर कब्जा कर लिया है. पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने तालिबान पर नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए इसे "कायराना हरकत" करार दिया और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी.
पाकिस्तान ने काबुल और कंधार पर हमला किया
Big Breaking News
पाकिस्तान के सरकारी मीडिया ने कन्फर्म किया है कि पाकिस्तानी एयर फ़ोर्स ने आज रात ऑपरेशन ‘ग़ज़ब लिल हक़’ के तहत राजधानी काबुल और अफ़गानिस्तान के कई दूसरे इलाकों में तालिबान की मिलिट्री ठिकानों पर कई हमले किए।
दावे के मुताबिक़ इस ऑपरेशन के तहत, पाकिस्तान की एयर… pic.twitter.com/wL77q5u4HB
— Umashankar Singh उमाशंकर सिंह (@umashankarsingh) February 26, 2026
हताहतों की संख्या और नाजुक युद्धविराम
हिंसा के इस नए दौर में दोनों पक्ष भारी नुकसान का दावा कर रहे हैं. पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, संघर्ष में दो पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं, जबकि जवाबी कार्रवाई में 133 अफगान तालिबान लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया गया है. हालांकि, अफगान अधिकारियों ने इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं की है.
इस ताजा सैन्य टकराव ने कतर की मध्यस्थता में हुए उस युद्धविराम पर भी संकट के बादल मंडरा दिए हैं, जो पिछले कई महीनों से सीमा पर जारी तनाव के कारण पहले से ही कमजोर था.
क्षेत्रीय सुरक्षा पर संकट
अक्टूबर से ही अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा मुख्य रूप से बंद है. अब इस ताज़ा सैन्य वृद्धि ने दक्षिण एशिया में एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका पैदा कर दी है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि दो पड़ोसी देशों के बीच का यह विवाद न केवल मानवीय संकट पैदा कर सकता है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ जारी वैश्विक प्रयासों को भी प्रभावित कर सकता है.













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