India-Pakistan War: चीन ने दावा, पिछले साल भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान पाकिस्तान को दिया था तकनीकी समर्थन

India-Pakistan War: चीन ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष के दौरान उसके इंजीनियरों ने पाकिस्तान को तकनीकी सहायता प्रदान की थी. यह खुलासा चीनी सरकारी प्रसारक सीसीटीवी पर प्रसारित एक इंटरव्यू में हुआ, जिसमें एविएशन इंडस्ट्री कॉरपोरेशन ऑफ चाइना (AVIC) के इंजीनियरों ने इस समर्थन की पुष्टि की.

रिपोर्ट के मुताबिक, AVIC के चेंगदू एयरक्राफ्ट डिजाइन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के इंजीनियर संघर्ष के दौरान पाकिस्तान में मौजूद थे. यह संस्थान J-10 लड़ाकू विमान विकसित करता है, जिसका इस्तेमाल पाकिस्तान एयर फोर्स करता है. चीन के इंजीनियरों ने चार दिन तक चले संघर्ष के दौरान चीनी लड़ाकू विमानों से जुड़ी ऑपरेशनल सहायता उपलब्ध कराई थी.

चीनी इंजीनियरों ने बताया संघर्ष का अनुभव

इंटरव्यू में इंजीनियर झांग हेंग ने कहा कि संघर्ष के दौरान हालात बेहद चुनौतीपूर्ण थे. उन्होंने बताया, “सपोर्ट बेस पर लगातार लड़ाकू विमानों के उड़ान भरने की आवाज सुनाई देती थी और एयर रेड सायरन लगातार बजते रहते थे.” उन्होंने कहा कि तैनाती के दौरान तापमान लगभग 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था.

झांग हेंग ने कहा कि टीम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि पाकिस्तान को दिए गए उपकरण “अपनी पूरी युद्ध क्षमता के साथ काम करें.” एक अन्य इंजीनियर शू दा ने J-10CE लड़ाकू विमान की तुलना “एक बच्चे” से की, जिसे वर्षों तक तैयार करने के बाद आखिरकार युद्ध जैसी परिस्थितियों में परखा गया.

J-10CE लड़ाकू विमान पर बढ़ा ध्यान

इस खुलासे के बाद Chengdu J-10 के एक्सपोर्ट वर्जन J-10CE पर चर्चा तेज हो गई है. पाकिस्तान की वायुसेना इस विमान का इस्तेमाल करती है. संघर्ष के दौरान ऐसी रिपोर्ट सामने आई थीं कि J-10CE ने भारतीय वायुसेना के कम से कम एक Dassault Rafale लड़ाकू विमान को मार गिराया था. हालांकि, इस हवाई संघर्ष को लेकर आधिकारिक जानकारी अब तक सीमित है.

अगर यह दावा सही साबित होता है, तो यह पहली बार होगा जब फ्रांस निर्मित राफेल विमान किसी युद्ध में नुकसान का शिकार हुआ हो. J-10CE विमान AESA रडार से लैस है और इसमें चीन की उन्नत PL-15 एयर-टू-एयर मिसाइल सिस्टम का इस्तेमाल किया जा सकता है.

चीन-पाकिस्तान रक्षा सहयोग हुआ उजागर

पाकिस्तान फिलहाल J-10CE लड़ाकू विमान का एकमात्र विदेशी ऑपरेटर है. पाकिस्तान ने 2020 में चीन से 36 J-10CE विमान और 250 PL-15 मिसाइलों का ऑर्डर दिया था. स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के आंकड़ों के अनुसार, 2021 से 2025 के बीच पाकिस्तान के कुल हथियार आयात में चीन की हिस्सेदारी लगभग 80 प्रतिशत रही.

इसके अलावा पाकिस्तान, चीन के साथ मिलकर विकसित किए गए CAC/PAC JF-17 Thunder लड़ाकू विमान का भी इस्तेमाल करता है. यह खुलासा दोनों देशों के बीच रक्षा और सैन्य सहयोग की गहराई को दर्शाता है.

भारत की ओर से नहीं आई आधिकारिक प्रतिक्रिया

भारत की ओर से अभी तक चीनी इंजीनियरों के दावों या CCTV की रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. पिछले साल हुए इस संघर्ष के दौरान कश्मीर क्षेत्र को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया था. दोनों देशों ने एक-दूसरे पर सैन्य गतिविधियां बढ़ाने के आरोप लगाए थे. चीन द्वारा पाकिस्तान को दिए गए ऑपरेशनल समर्थन की सार्वजनिक पुष्टि ऐसे समय में सामने आई है, जब क्षेत्रीय रणनीतिक प्रतिस्पर्धा और बीजिंग-इस्लामाबाद रक्षा सहयोग पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है.