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Air India Layoffs Update: एयर इंडिया के 24,000 कर्मचारियों को बड़ी राहत, फिलहाल नहीं होगी छंटनी; बढ़ती लागत के बीच इस साल टला सैलरी इंक्रीमेंट

एयर इंडिया ने पश्चिम एशिया संकट और ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण वित्तीय दबाव के बावजूद अपने 24,000 कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा का भरोसा दिया है. हालांकि, इस साल सैलरी इंक्रीमेंट टाल दिया गया है.

Air India Layoffs Update: एयर इंडिया के 24,000 कर्मचारियों को बड़ी राहत, फिलहाल नहीं होगी छंटनी; बढ़ती लागत के बीच इस साल टला सैलरी इंक्रीमेंट
(Photo Credits CW)

 Air India Layoffs Update: टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन 'एयर इंडिया' ने स्पष्ट किया है कि भारी वित्तीय दबाव के बावजूद वह कर्मचारियों की छंटनी नहीं करेगी. शुक्रवार को आयोजित एक 'टाउन हॉल' बैठक में एयरलाइन प्रबंधन ने अपने 24,000 कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि उनकी नौकरियां सुरक्षित हैं. हालांकि, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईंधन की कीमतों में उछाल के कारण कंपनी ने वार्षिक वेतन वृद्धि (Salary Increment) को कम से कम एक तिमाही के लिए टालने का निर्णय लिया है.

वित्तीय घाटे का बढ़ता बोझ

एयर इंडिया को वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 22,000 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड घाटे का अनुमान है. गुरुवार को हुई बोर्ड बैठक के बाद सीईओ कैंपबेल विल्सन और वरिष्ठ अधिकारियों ने कर्मचारियों को वर्तमान स्थिति से अवगत कराया. प्रबंधन ने बताया कि हालांकि इंक्रीमेंट टाला गया है, लेकिन पिछले वित्त वर्ष के बोनस का भुगतान किया जाएगा और पदोन्नति (Promotions) की प्रक्रिया भी जारी रहेगी.  यह भी पढ़े: PayPal Layoffs: AI पर फोकस बढ़ाने के लिए पेपल में होगी बड़ी छंटनी, करीब 4,760 कर्मचारियों की जाएगी नौकरी

पश्चिम एशिया संकट और ईंधन की कीमतें

एविएशन सेक्टर इस समय दोहरी मार झेल रहा है. फरवरी से पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण खाड़ी क्षेत्र के प्रमुख हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद हैं. इसके चलते एयर इंडिया को यूरोप और उत्तरी अमेरिका की उड़ानों के लिए लंबे और घुमावदार रास्तों का उपयोग करना पड़ रहा है. इससे ईंधन की खपत बढ़ गई है. साथ ही, पिछले साल अप्रैल से पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र के बंद होने से परिचालन लागत में और भी इजाफा हुआ है.

लागत कटौती पर विशेष जोर

मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) संजय शर्मा ने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरावट और विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) की कीमतों में तीन गुना वृद्धि ने एयरलाइन की वित्तीय स्थिति को प्रभावित किया है. आमतौर पर परिचालन लागत में ईंधन की हिस्सेदारी 40% होती है, लेकिन वर्तमान में यह कहीं अधिक हो गई है. कंपनी ने अब फिजूलखर्ची रोकने और सभी विभागों में होने वाली लीकेज को खत्म करने पर "निरंतर ध्यान" (Relentless Focus) देने का आह्वान किया है.

भविष्य की रणनीति

एयरलाइन ने फिलहाल 'फर्लो' (बिना वेतन की छुट्टी) जैसे कठोर कदमों को खारिज कर दिया है. इसके बजाय, कंपनी ने विवेकाधीन खर्च (Discretionary Spending) पर रोक लगा दी है और वित्तीय अनुशासन पर ध्यान केंद्रित कर रही है. 2022 से 2025 के बीच एयर इंडिया ने 40% की शानदार विकास दर देखी थी, लेकिन वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों ने विस्तार की गति को धीमा कर दिया है.


(The above story first appeared on LatestLY on May 09, 2026 09:34 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).