Gold Rate Today, May 9, 2026: भारतीय सर्राफा बाजार में आज शनिवार को सोने की कीमतों में मजबूती दर्ज की गई है. वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मची हलचल के बीच घरेलू स्तर पर सोने के दाम बढ़ गए हैं. गुडरिटर्न्स (Goodreturns) के आंकड़ों के अनुसार, देश के अधिकांश महानगरों में 24 कैरेट सोने का भाव 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर गया है, वहीं 22 कैरेट सोना 1.40 लाख रुपये के करीब कारोबार कर रहा है.
प्रमुख शहरों में आज के सोने के भाव (प्रति 10 ग्राम)
आज 9 मई 2026 को देश के बड़े शहरों में 22K और 24K सोने की कीमतें इस प्रकार हैं: यह भी पढ़े: Gold Rate Today, May 8, 2026: सोने की कीमतों में लगी आग, 24 कैरेट गोल्ड ₹1,53,000 के पार; दिल्ली, मुंबई और चेन्नई समेत अपने शहर के लेटेस्ट रेट्स जानें
| शहर | 22K सोने का भाव | 24K सोने का भाव |
| दिल्ली | ₹1,40,400 | ₹1,53,150 |
| मुंबई | ₹1,40,250 | ₹1,53,000 |
| चेन्नई | ₹1,40,250 | ₹1,53,000 |
| कोलकाता | ₹1,40,250 | ₹1,53,000 |
| बेंगलुरु | ₹1,40,250 | ₹1,53,000 |
| अहमदाबाद | ₹1,40,250 | ₹1,53,000 |
| नोएडा | ₹1,40,400 | ₹1,53,150 |
कीमतों में बढ़ोत्तरी का रुझान
बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में कीमतों में मामूली वृद्धि दर्ज की गई है. दिल्ली में 24 कैरेट सोने के दाम में ₹870 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोत्तरी हुई है, जबकि 22 कैरेट सोने में ₹800 का इजाफा हुआ है. मुंबई, चेन्नई और हैदराबाद जैसे शहरों में भी इसी तरह का ट्रेंड देखने को मिला है. विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने को प्राथमिकता दे रहे हैं.
शहरों के बीच क्यों होता है कीमतों में अंतर?
भारत के अलग-अलग शहरों में सोने के भाव एक समान नहीं होते. इसके पीछे मुख्य कारण स्थानीय कर (Local Taxes), परिवहन लागत और स्थानीय मांग है. दिल्ली और लखनऊ जैसे शहरों में अक्सर दक्षिण भारत के मुकाबले रेट थोड़े अधिक होते हैं. इसके अलावा, ज्वेलर्स द्वारा लगाए जाने वाले मेकिंग चार्ज और 3% GST के कारण अंतिम खरीद मूल्य और बढ़ जाता है.
सोने के भाव को प्रभावित करने वाले कारक
घरेलू स्तर पर सोने की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों, डॉलर की मजबूती और आयात शुल्क (Import Duty) पर निर्भर करती हैं. इसके अलावा, शादियों के सीजन और त्योहारों के दौरान बढ़ती मांग भी कीमतों को प्रभावित करती है. बाजार विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक मुद्रास्फीति (Inflation) और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की ब्याज दरों में बदलाव पर निवेशकों की पैनी नजर बनी हुई है.













QuickLY