CAA Protest: गुवाहाटी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, असम सरकार से कहा-मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल करें
नागरिकता कानून को लेकर विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है.असम में हिंसक प्रदर्शन के बाद सरकार ने हालात को देखते हुए वहां कर्फ्यू लगा दिया गया था. इसके साथ ही सूबे की सरकार ने शुक्रवार 9 बजे तक के लिए प्रदेश में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी थी. इसी को लेकर गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम सरकार को आज शाम 5 बजे तक मोबाइल इंटरनेट सेवा शुरू करने का निर्देश दिया है.
गुवाहाटी. नागरिकता कानून (Citizenship Amendment Act) को लेकर विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है.असम में हिंसक प्रदर्शन के बाद सरकार ने हालात को देखते हुए वहां कर्फ्यू लगा दिया गया था. इसके साथ ही सूबे की सरकार ने शुक्रवार 9 बजे तक के लिए प्रदेश में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी थी. इसी को लेकर गुवाहाटी हाईकोर्ट (Gauhati High Court) ने असम सरकार (Assam Government को आज शाम 5 बजे तक मोबाइल इंटरनेट सेवा शुरू करने का निर्देश दिया है. गुवाहाटी हाईकोर्ट में पत्रकार अजित कुमार भुइयां और वकीलों बोनोश्री गोगोई, रणदीप शर्मा और देबकांता डोलेय की ओर से दायर जनहित याचिकाओं पर न्यायमूर्ति मनोजित भुइयां और न्यायमूर्ति सौमित्र सैकिया की खंड पीठ ने सुनवाई की और राज्य सरकार को यह आदेश दिया है.
बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) को लेकर पुरे देश में विरोध पूर्वोत्तर से शुरू हुआ जो अब उग्र हो गया है. विरोध अब दिल्ली से आगे यूपी, बिहार तक पहुंच गई है. असम में सबसे ज्यादा हिंसक विरोध प्रदर्शन हुआ है. जिसे रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसबलों की तैनात की गई है. यह भी पढ़े-नागरिकता कानून: असम में प्रदर्शनकारी सड़क पर उतरें, सरकारी कर्मचारियों ने काम रोका
ज्ञात हो कि नागरिकता संशोधन कानून 2019 लोकसभा-राज्यसभा से पास हो गया है. इस कानून में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिंदू, जैन, सिख, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के शरणार्थियों को नागरिकता देने का प्रस्ताव है. कांग्रेस सहित ज्यादातर विपक्षी पार्टियां इस कानून का विरोध कर रही हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 19, 2019 05:44 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

