Sawan Shivratri 2025 Wishes: सावन शिवरात्रि के इन भक्तिमय हिंदी WhatsApp Messages, Quotes, Facebook Greetings के जरिए दें शुभकामनाएं
सावन शिवरात्रि के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर व्रत का संकल्प लेना चाहिए, फिर शिवलिंग का विधि-विधान से अभिषेक करना चाहिए. इसके बाद रात्रि को निशिथ काल में विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए. रात को भगवान शिव की पूजा कर रात्रि जागरण करना चाहिए. इस अवसर पर आप इन हिंदी भक्तिमय विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स के लिए सावन शिवरात्रि की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Sawan Shivratri 2025 Wishes in Hindi: भगवान शिव (Bhagwan Shiv) के भक्त वैसे तो हर दिन उनकी उपासना और पूजा-अर्चना करते हैं, लेकिन कुछ विशेष तिथियों की बात करें तो सोमवार, त्रयोदशी और चतुर्दशी तिथि का विशेष महत्व बताया जाता है. उस पर भी भगवान शिव के अत्यंत प्रिय सावन मास (Sawan Maas) में इन तिथियों का महत्व कई गुना अधिक बढ़ जाता है. सावन सोमवार, सावन प्रदोष के अलावा सावन शिवरात्रि के दिन भक्त व्रत रखकर विधि-विधान से शिव-पार्वती संग उनके पूरे परिवार की पूजा करते हैं. इस साल 11 जुलाई 2025 से सावन मास की शुरुआत हुई है, जबकि सावन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को सावन शिवरात्रि (Sawan Shivratri) मनाई जा रही है, जो इस बार 23 जुलाई 2025 को पड़ रही है. शिवरात्रि की पूजा को निशिथ काल में करना अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि सावन शिवरात्रि को निशिथ काल में पूजा करने से भगवान शिव जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं. इस दिन चारों प्रहर में शिव जी की पूजा करने से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है.
सावन शिवरात्रि के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर व्रत का संकल्प लेना चाहिए, फिर शिवलिंग का विधि-विधान से अभिषेक करना चाहिए. इसके बाद रात्रि को निशिथ काल में विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए. रात को भगवान शिव की पूजा कर रात्रि जागरण करना चाहिए. इस अवसर पर आप इन हिंदी भक्तिमय विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स के लिए सावन शिवरात्रि की शुभकामनाएं दे सकते हैं.





सावन का महीना तमाम शिवभक्तों के लिए बेहद मायने रखता है, इसलिए हर किसी को इसका बेसब्री से इंतजार रहता है. इस महीने की शुरुआत के साथ ही कांवड़ यात्रा भी शुरु हो जाती है, जिसका समापन सावन शिवरात्रि पर होता है. कांवड़िए पैदल यात्रा करके कांवड़ में गंगाजल भरकर लाते हैं और उससे सावन शिवरात्रि पर शिवलिंग का अभिषेक करते हैं. ऐसी मान्यता है कि इस पवित्र मास में भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना करने से भक्तों के जीवन से सारे कष्ट दूर होते हैं और उन्हें सुख-समृद्धि व खुशहाली का आशीर्वाद मिलता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 22, 2025 03:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

