सभी प्रकार की खबरें लिखने का शौक रखती हूं. खबरों के अलावा कविता और कहानियां लिखने में भी रूचि रखती हूं.
सिक्ख धर्म भारतीय धर्मों में से एक पवित्र धर्म है. इस धर्म की स्थापना उत्तर पश्चिमी राज्य के पंजाब प्रांत में 15वीं सदी में गुरु नानक देव द्वारा की गई थी.सिक्ख का अर्थ है 'शिष्य' जिसका मतलब है गुरुनानक के शिष्य. यानी उनकी दी हुई शिक्षाओं का अनुसरण करने वाले. गुरु नानक देव का जन्म पाकिस्तान के तलवंडी नाम की जगह पर हुआ था, बाद में इसका नाम ननकाना साहेब पड़ा.
देव दीपावली एक प्रसिद्ध उत्सव है जो हर साल पवित्र शहर वाराणसी में मनाया जाता है. देव दीपावली, को देव दिवाली के रूप में भी जाना जाता है. यह त्योहार कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है. इस दिन भगवान शिव ने को दानव त्रिपुरासुर को मारकर देवताओं को उससे मुक्त कराया था. भगवान शिव की जीत के बाद देवताओं ने दीप जलाकर और दान कर खुशी व्यक्त की थी.
वैकुंठ चतुर्दशी एक हिंदू उत्सव है, जो कार्तिक के हिंदू महीने की चतुर्दशी को मनाया जाता है. इस दिन लोग भगवान विष्णु और शिव की पूजा करते हैं. वाराणसी, ऋषिकेश, महाराष्ट्र और गया में दोनों देवताओं की अलग-अलग या एक साथ पूजा की जाती है.
भारत में हर जगह सिख धर्म के संस्थापक और धर्म गुरु, गुरु नानक देव जी की 550वीं जयंती मनाई जा रही है. सिख धर्म के लोग पूरी दुनिया में फैले हुए हैं ज्यादातर अमेरिका के कनाडा में वहां भी भारी मात्रा में सभी सिख समुदाय के लोग गुरु नानक देव जी की जयंती मना रहे हैं. गुरद्वारों को सजाया गया है, यहां लगातार कीर्तन चल रहे हैं.
कल 9 नवंबर को तुलसी विवाह मनाया जाएगा, इस दिन तुलसी का विवाह भगवान विष्णु के शालिग्राम स्वरुप के साथ करवाया जाता है. आमतौर पर भारतीय घरों में तुलसी के पौधे पाए ही जाते हैं, क्योंकि इसे बहुत शुभ माना जाता है. तुलसी का पौराणिक महत्व तो है ही, इसका आयुर्वेदिक और वैज्ञानिक महत्व भी है.
तुलसी भारत में प्रसिद्ध एक पवित्र पौधा है. इस पौधे को एक देवी माना जाता है और इसकी रोज पूजा की जाती है. तुलसी को देवी लक्ष्मी का अवतार भी माना जाता है. तुलसी विवाह भारत में एक महत्वपूर्ण त्योहार है. इस दिन लोग भगवान विष्णु के शालिग्राम अवतार के साथ तुलसी का विवाह करते हैं.
भारत में हिन्दू धर्म में तुलसी विवाह का बहुत महत्व है. इस दिन भगवान विष्णु के शालिग्राम स्वरुप से तुलसी का विवाह कराया जाता है. जिस तरह से हिंदू धर्म में विवाह संस्कार की परंपरा निभाई जाती है, ठीक उसी तरह तुलसी विवाह के दिन भी विवाह के सारे संस्कार निभाए जाते हैं. भगवान विष्णु को तुलसी बहुत प्रिय है, इसलिए उनकी कोई भी पूजा तुलसी के बिना संपन्न नहीं होती है.
आज देवउठनी एकादशी मनाई जा रही है, इसे प्रबोधिनी एकादशी और कार्तिक एकदशी भी कहा जाता है. आज के दिन भगवान विष्णु चार महीने बाद योग निद्रा से जागते हैं. उनके जागने के बाद से सभी शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाती है. साल की चौबीस एकादशियों में सबसे महत्वपूर्ण देवउठनी एकादशी को मानते हैं.
आज देवउठनी एकादशी मनाई जा रही है, आज के दिन भगवान विष्णु चार महीने बाद योग निद्रा से जाग जाते हैं, उनके जागते ही सभी मंगल कार्य और विवाह मुहूर्तों की शुरुआत हो जाती है. ये दिन बहुत शुभ माना जाता है, इस दिन बहुत बड़ी संख्या में शादी ब्याह किए जाते हैं. लेकिन इस बार देवउठनी एकादशी पर शादी का मुहूर्त नहीं है.
देवउठनी एकादशी की हिन्दू धर्म में बहुत ही बड़ा महत्व है. इस दिन भगवान विष्णु गहन निद्रा से उठते हैं, इसलिए इस दिन को देवउठनी एकादशी कहते हैं. हिंदू कैलेंडर के अनुसार देवउठनी एकादशी कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को होती है.
तुलसी के पौधे को हिंदू धर्म में बहुत पवित्र माना जाता है और भगवान विष्णु की पूजा में इसका इस्तेमाल करना जरुरी है. इसके बिना भगवान विष्णु की पूजा संपन्न नहीं होती है. तुलसी विवाह हिंदू कैलेंडर के कार्तिक महीने की प्रबोधिनी एकादशी पर मनाया जाता है.
देवउठनी एकादशी हिन्दू धर्म के प्रसिद्ध त्योहारों में से एक है. इस दिन भगवान विष्णु चार महीने बाद निद्रा से जागते हैं, भगवान विष्णु के साथ इस दिन सभी देव जाग जाते हैं, इसलिए इस दिन को देवउठनी एकादशी कहते हैं. इस दिन को प्रबोधिनी एकादशी भी कहा जाता है.
कार्तिक महीने की शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी एकादशी मनाई जाती है, इसके एक दिन बाद तुलसी विवाह मनाया जाता है. इस साल तुलसी विवाह 9 नवंबर शनिवार को मनाया जा रहा है. इस दिन तुलसी का भगवान विष्णु के स्वरुप शालिग्राम के साथ विवाह कराया जाता हैं.
हिन्दू कैलेंडर के अनुसार कार्तिक महीने की शुक्ल पक्ष की एकादशी को तुलसी विवाह कराने की परंपरा है. तुलसी विवाह इस साल 9 नवंबर शनिवार 2019 को मनाया जाएगा. हिन्दू धर्म में तुलसी विवाह का बहुत ज्यादा महत्व है. इस दिन तुलसी के पौधे का विष्णु के शालिग्राम अवतार से विवाह पुरे विधि विधान से कराया जाता है.
डॉक्टर बाबा साहेब की याद में आज अम्बेडकर ट्रस्ट विद्यार्थी दिवस मना रहा है. इस बारे में आंबेडकर ट्रस्ट के सदस्यों द्वारा एक मीटिंग आयोजित की गई. इस मीटिंग में बाबा साहेब आंबेडकर के दाखिले वाले दिन विद्यार्थी दिवस मनाने की चर्चा की गई. भीमराव आंबेडकर का विद्यालय प्रवेश दिवस 7 नवंबर को विद्यार्थी दिवस के रूप में मनाया जाता है.
भारत में तुलसी व्यापक और भारी मात्रा में पाया जाता है. हिन्दू धर्म में तुलसी को एक पवित्र पौधा माना जाता है. इसका स्थान आयुर्वेद के प्राचीन विज्ञान में भी है. तुलसी आमतौर पर दो प्रकार की पाई जाती है - हरे रंग की लक्ष्मी तुलसी और बैंगनी रंग की कृष्णा तुलसी. भारतीय उपमहाद्वीप के अलावा, यह अधिकांश दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में भी पाया जाता है.
देवउठनी एकादशी भगवान विष्णु की निद्रा से जानने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है. भगवान विष्णु देवशयनी एकादशी पर सोने के चार महीने बाद देवउठनी एकदशी के दिन जागते हैं. इसे "प्रबोधिनी एकादशी" और "देवोत्थान एकादशी" भी कहा जाता है. प्रबोधिनी एकादशी मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और महाराष्ट्र और कुछ दक्षिणी राज्यों में मनाई जाती है.
भारत विभिन्न परंपराओं और संस्कृतियों से भरा देश है. जिस तरह कटोरे में रंग बिरंगा सलाद दिखाई देता है, उसी तरह भारत भी रंग बिरंगी परंपरा और संस्कृतियों से भरा पड़ा है. भारत में सभी त्योहार अलग-अलग परंपराओं और रीती रिवाज से मनाए जाते हैं.
हल्की सर्दियों की शुरुआत हो चुकी है, लोग सर्दियों का मजा अलग-अलग तरीके से लेते हैं. लेकिन इस मौसम में ठन्डी चीजें जैसे आइसक्रीम, फालूदा और कुल्फी खाने का मजा ही कुछ और होता है. दिल्ली, लखनऊ और उत्तर प्रदेश जैसे शहरों में लोग सर्दियों का मजा दौलत की चाट खाकर लेते हैं.
बिना लहसुन के भारतीय खाना फीका होता है, हम भारतीय अपने खाने में लहसुन का इस्तेमाल करना कभी नहीं भूलते, इसके बिना खाने में कमी सी लगती है. बाजार में लहसुन के दाम कितने भी बढ़ जाए, उसके बाद भी हम भारतीय लहसुन का इस्तेमाल बंद नहीं करते हैं. लहसुन खाने का जायका बढ़ाने के साथ-साथ इसमें बहुत सारे औषधीय गुण भी पाए जाते हैं.